फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में हुए कथित आतंकी हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के अलग-अलग बयान सामने आए हैं. ट्रंप ने व्यक्तिगत तौर पर इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार माना है, जबकि वेंस ने कहा कि उन्हें साजिश को तेहरान से जोड़ने वाला कोई पक्का सबूत नहीं मिला है. मामले की जांच अभी जारी है.
ट्रंप ने कहा- मुझे व्यक्तिगत रूप से ईरान पर शक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि उनका व्यक्तिगत रूप से मानना है कि फ्लाईदुबई की उड़ान पर हुए हमले के पीछे ईरान जिम्मेदार था. व्हाइट हाउस परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि इस हमले के लिए ईरान जिम्मेदार था, तो उन्होंने जवाब दिया, “हां, मुझे ऐसा लगता है. मेरा व्यक्तिगत रूप से यही मानना है.”
फॉक्स न्यूज के संवाददाता लुकास टॉमलिन्सन ने ट्रंप से फ्लाईदुबई मामले में ईरान की भूमिका को लेकर सवाल किया था. ट्रंप ने जवाब में कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से ऐसा लगता है कि ईरान इसके लिए जिम्मेदार था.
जेडी वेंस ने कहा- पुख्ता सबूत नहीं मिला
वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मामले में अलग रुख अपनाया. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उन्हें इस साजिश को तेहरान से जोड़ने वाला कोई ठोस सबूत नहीं मिला है.
वेंस ने कहा कि विमान के अपहरण की कोशिश के पीछे ईरान का हाथ था या नहीं, इस पर निष्कर्ष निकालना खुफिया अधिकारियों का काम है. उन्होंने इस प्रक्रिया में सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ समेत अमेरिकी खुफिया अधिकारियों की भूमिका का उल्लेख किया.
फ्लाईदुबई फ्लाइट में क्या हुआ था?
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी. उड़ान के दौरान ओमान के सह-पायलट हमाम अल-हमामी पर मुख्य भारतीय पायलट स्मित माछर पर हमला करने और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश का आरोप लगा. विमान तेजी से नीचे आया, लेकिन पायलट, यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने स्थिति को संभाल लिया. बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया.
संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने बाद में इस घटना को आतंकी हमले की कोशिश बताया. हमले के मकसद और इसमें किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका की जांच की जा रही है. उपलब्ध जांच रिपोर्टों में अब तक ईरान से हमले का कोई पुष्ट संबंध सामने नहीं आया है.
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