दौसा जिले के महवा उपखंड की शिव कॉलोनी में रात जो हुआ, उसने पूरे महवा को सन्न कर दिया। 35 साल की पिंकी मीणा का शव उसके कमरे में बेड पर पड़ा मिला। इसी बेडरूम वाले घर में साढ़े तीन महीने पहले उसके पति उपकोषाधिकारी मनोज मीणा ने फंदा लगाकर जान दी थी। चार महीने में एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया और आठ साल का मासूम सिद्धार्थ अनाथ हो गया।

घर में अकेली थी पिंकी
थानाधिकारी महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पिंकी शाम को घर में अकेली थी। उसके पिता आठ साल के बेटे सिद्धार्थ को लेकर गांव चले गए थे। सुबह पड़ोसियों ने उसे बेडरूम में पड़ा देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को सामुदायिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पीहर पक्ष की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की वजह साफ होगी।
इसी घर में पति ने भी दी थी जान
चार महीने पहले इसी मकान में मनोज मीणा (45) ने पंखे से लटककर आत्महत्या की थी। मनोज सिकराय में उपकोषाधिकारी थे। मौके से सुसाइड नोट मिला था, जिसमें लिखा था- पापा, मेरी मौत का जिम्मेदार अरुण आरटीएस लालपुर और उसका जीजा सोनू दोनों हैं।
नोट में भुसावर नायब तहसीलदार अरुण मीणा और उसके जीजा सोनू मीणा पर प्रताड़ना का आरोप था। तब परिजनों ने गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दिया था। विधायक राजेंद्र मीणा और पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद पोस्टमार्टम हुआ था।
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अब बेटा अनाथ
पिंकी की मौत ने परिवार पर दूसरा बड़ा पहाड़ तोड़ दिया है। पिता पहले ही दामाद को खो चुके थे, अब बेटी भी चली गई। घर में अब सिर्फ आठ साल के सिद्धार्थ की चीखें गूंज रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामला संदिग्ध है और हर एंगल से जांच की जा रही है।

