बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त अपने हालिया बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं, जिसे राजनीतिक व्यंग से जोड़ा जा रहा है. दरअसल, एक्टर ने हाल ही में शेखर टुनाइट शो में देश के हालातों पर चिंता जताई. अभिनेता ने इस दौरान देश के हालातों पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत के लोग बहुत अच्छे हैं लेकिन देश में वो अब वो शांति नहीं रही. इस बयान पर एक्टर ने सफाई भी दी है.
संजय दत्त ने जब देश के हालातों पर चिंता जताई तो वो ट्रोल्स के निशाने पर आ गए. इसके बाद उन्हें अपने इस बयान पर सफाई दी है. एक्टर ने अपने बयान को गांधीगिरी वाला कॉन्सेप्ट बताया है और सफाई देते हुए कहा कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मकसद नहीं था. चलिए बताते हैं एक्टर ने क्या कहा.
संजय दत्त ने अपने बयान पर दी सफाई
संजय दत्त का बयान जब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और वो ट्रोल्स के निशाने पर आ गए तो इस पर एक्टर ने एक्स पर पोस्ट शेयर की है और इस दौरान उन्होंने अपने बयान पर सफाई दी. संजय दत्त ने लिखा, ‘मैं साफ करना चाहता हूं कि मेरा मकसद कभी भी किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाना, नाराज करना या उनका अनादर करना नहीं था.’
I would like to clarify that it was never my intention to hurt, offend, or disrespect the sentiments of any individual, community, or institution. My remarks were made in the context of a scripted conversation intended to be light-hearted and humorous. The spirit behind them was similar to the humour and satire seen in films like Munna Bhai, particularly the concept of ‘Gandhigiri,’ which was intended to convey a message of love, warmth, togetherness, and goodwill. Unfortunately, my words were interpreted outside of that intended context.
— Sanjay Dutt (@duttsanjay) October 4, 2026
संजय दत्त ने बताया- गांधीगिरी का कॉन्सेप्ट
संजय दत्त आगे लिखते हैं, ‘मेरी बातें पहले से ही तय की गई थी, जिसे मैंने बातचीत के दौरान कहा था. इसका मकसद हल्का-फुल्का और मजाकिया माहौल बनाना था. इसके पीछे की भावना वैसी ही थी जैसे मुन्ना भाई जैसी फिल्मों में मजाक और व्यंग्य देखने को मिलता है. खासकर गांधीगिरी का कॉन्सेप्ट, जिसका मकसद प्यार, अपनापन, एकजुटता और सद्भावना का संदेश देना था. अफसोस की बात है कि मेरी बातों का मतलब उस संदर्भ से हटकर निकाला गया, जिसमें वो कही गई थी.
Sanjay Dutt: “Ek peace hona chahiye, I can’t feel that peace anymore in India.” But what kind of “peace” is he talking about? If there is no peace in India, then where is it? In our neighbouring countries? https://t.co/IKl8xHK3eJ
— Amit Kumar Sindhi (@AMIT_GUJJU) October 3, 2026
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क्या बोले थे संजय दत्त?
संजय दत्त ने शेखर सुमन के शो में देश की शांति और भाईचारे पर अपने विचार रखे. इस दौरान भारत के लोगों को बड़ा दिलवाला भी कहा साथ ही शांति को लेकर कुछ ऐसा कह दिया, जिसके बाद वो लोगों के निशाने पर आ गए. एक्टर ने कहा, ‘इस देश के लोग बहुत प्यारे हैं. यहां शांति होनी चाहिए. मुझे अब हमारे देश में वो शांति महसूस नहीं होती. हम भारतीय बड़े दिल वाले और महमाननवाज होते हैं हमने बहुत कुछ दिया है और हमें हमेशा ऐसा ही रहना चाहिए. मैं शिवाजी से प्रार्थना करता हूं कि वो दिन जल्द वापस आए.’ इसके अलावा भी संजय दत्त ने पीएम होते तो क्या करते? इस पर भी विचार रखा. पीएम के विदेशी दौरे पर भी तंज कसा है.
बहरहाल, अगर संजय दत्त के प्रोफेशनल फ्रंट के बारे में बात की जाए तो एक्टर फिल्म ‘खलनायक 2’ और ‘वास्तव 2’ में भी नजर आने वाले हैं. उनकी इस रिलीज का फैंस को बेसब्री से इंतजार है.


