इंडोनेशिया में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 5.2 थी। भूकंप सुबह 5:07 बजे आया। इसके झटके जमीन के करीब 10 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किए गए।

क्यों आते हैं भूकंप?
धरती के भीतर सात प्लेट्स हैं, जो लगातर घूमती रहती हैं। जिस स्थान पर प्लेट्स की टक्कर होती है, उस जगह को फॉल्ट लाइन कहा जाता है। पृथ्वी के अंदर स्थित टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने, आपस में टकराने या रगड़ खाने से ऊर्जा उत्पन्न होती है। जब प्लेटों के टकराने से ज्यादा ऊर्जा निकलती है, तो धरती की सतह पर कंपन पैदा होता है। जिस स्थान पर प्लेट्स टकराती हैं, उस स्थान पर सबसे अधिक भूकंप का असर होता है। लेकिन जब भूकंप की तीव्रता अधिक होती है तो इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए जाते हैं।
कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता
वैज्ञानिक भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल करते हैं। जब भूकंप आता है, पृथ्वी के नीचे से ऊर्जा तरंगे बाहर आती हैं। उन्हें रिक्टर स्केल से मापा जाता है। इसके बाद ही यह पता लगता है कि भूकंप की तीव्रता कितनी थी और इसका केंद्र कहां पर था।
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भूकंप आने पर इन बातों का रखें ध्यान
-अगर भूकंप आता है, तो आप घर के अंदर हैं और बाहर नहीं निकल सकते हैं तो किसी मजबूत टेबल या किसी फर्नीचर के नीचे छिप जाएं। हालांकि, कंपन कम होने पर या बंद होने पर धीरे-धीरे घर से बाहर जरूर निकल जाएं।
-कमरे के किसी कोने में या दरवाजे की चौखट के नीचे खड़े होकर सुरक्षित रह सकते हैं।
-अगर भूकंप आए तो घर से तुरंत बाहर चले जए और सीढ़ियों का इस्तेमाल करके सीधे किसी खुले स्थान पर जाएं
-अगर आप चल रही गाड़ी में हैं तो अपनी गाड़ी को तुरंत रोकें और गाड़ी में ही रह सकते हैं
-किसी पुल या रैंप पर गाड़ी खड़ी करके न रूकें, इसकी जगह पर किसी नॉर्मल सड़क पर गाड़ी को रोकें।

