भारत में सड़कों पर बढ़ते गाड़ियों के दबाव और आए दिन लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ा विजन पेश किया है। उन्होंने अपने स्काई बस यानी हवा में चलने वाली बस का एक कॉन्सेप्ट वीडियो शेयर किया है, जिसमें नई तकनीक को केवल एक ट्रांसपोर्ट सिस्टम नहीं, बल्कि एक नए और गतिशील भारत की सोच बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए नितिन गडकरी ने लिखा कि ‘हवा में उड़ने वाली बस.. (Skybus), यह सिर्फ एक नई ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी नहीं, यह उस भारत की कल्पना है, जहां इनोवेशन का उद्देश्य सिर्फ गति नहीं, बल्कि जनसेवा, सुविधा और बेहतर भविष्य है। नई सोच। नई तकनीक। नई ऊंचाई। और गतिशील भारत का भविष्य, स्काई बस।
फिर चर्चा में आई स्काईबस
कंद्रीय मंत्री की ओर से जानकारी साझा करने के बाद एक बार फिर स्काई बस चर्चा में आ गई है। स्काईबस का यह कॉन्सेप्ट ऐसे समय में सामने आया है जब देश के बड़े शहरों में ट्रैफिक और जमीन की कमी शहरी परिवहन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है, लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है कि स्काईबस वास्तव में हेलिकॉप्टर या विमान की तरह हवा में उड़ने वाली बस नहीं है। यह जमीन से ऊपर बने एलिवेटेड ट्रैक पर चलने वाली स्वचालित इलेक्ट्रिक पॉड ट्रांजिट सिस्टम है।
क्या सच में हवा में उड़ेगी स्काईबस ?
नाम और गडकरी के ‘हवा में उड़ने वाली बस’ वाले बयान से ऐसा लग सकता है कि यह कोई उड़ने वाला वाहन है, लेकिन ऐसा नहीं है। दरअसल, स्काई बस एक एयरियल पॉड ट्रांजिट सिस्टम है। इसमें छोटे इलेक्ट्रिक पॉड या वाहन जमीन पर मौजूद सड़क पर चलने के बजाय जमीन से ऊपर बनाए गए एलिवेटेड ट्रैक या रेल सिस्टम पर चलते हैं। यानी वाहन हवा में उड़ेंगे नहीं, बल्कि सड़क से ऊपर बने एक अलग ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर चलेंगे।