मुस्कान अपनी मासूम बेटी को सीने से लगाए रहती है। उसे बेटी के भविष्य की चिंता सता रही है। इसी को लेकर उसने जेल अधीक्षक से सवाल भी किए। जेल प्रशासन अब मुस्कान की काउंसिलिंग कराने की तैयारी कर रहा है, ताकि उसे मानसिक रूप से संभाला जा सके।
इस बीच मुस्कान ने जेल में अदालत की प्रक्रिया और वकील से जुड़े सवाल भी पूछे। बताया जा रहा है कि दोषी करार दिए जाने के बाद उससे मिलने के लिए अभी तक कोई परिजन जेल नहीं पहुंचा है। परिवार की ओर से दूरी बनाए रखने की बात भी चर्चा में है।
उधर, सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को जेल के नियमों के तहत दूसरी जेल में स्थानांतरित किए जाने की संभावना है। फिलहाल सभी की निगाहें अदालत के सजा संबंधी फैसले पर टिकी हैं। हत्याकांड में दोषसिद्धि के बाद दोनों के सामने अब सजा का फैसला सबसे बड़ी कानूनी चुनौती है।
दोषी करार देने के बाद रोने लगे थी मुस्कान और साहिल
जिला कारागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बुधवार शाम करीब 4:35 बजे मुस्कान और साहिल की पेशी हुई। जब जिला जज ने उन्हें दोषी करार दिया तो दोनों रोने लगे। जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान अपने दुपट्टे से और साहिल अपने हाथों से आंसू पोंछते हुए बैरक में लौटा। मुस्कान तीन दिन से जेल में पूजा कर रही थी। बुधवार को दोनों ने जेल में खाना भी कम खाया।






