ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को लेकर अब उन्हीं के देश के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने ट्रंप की बातों को समझ से परे करार दिया है. इसके अलावा कहा है कि आगे क्या इस युद्ध में होने वाला है, इसका मकसद साफ नहीं है.
इससे पहले गुरुवार यानी 2 अप्रैल 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान- इजरायल संघर्ष के बीच देश को संबोधित किया था. इसमें उन्होंने मध्यपूर्व में अमेरिकी बढ़त का दावा करते हुए ईरान के खिलाफ हमले तेज करने की चेतावनी दी थी. इसके साथ ही सेना की वापसी के संकेत भी ट्रंप की तरफ से दिए गए थे. ट्रंप ने 20 मिनट का भाषण दिया था.
#WATCH | Washington, DC | On US President Donald Trump’s address on Iran, Former National Security Advisor of the United States, John Bolton, says, “I think Trump’s remarks were contradictory and I think it’s very hard to predict what would come because his objectives are unclear… pic.twitter.com/UGJ4m0yB1d
— ANI (@ANI) April 3, 2026
मुझे ट्रंप की बातें विरोधाभासी लगती हैं: जॉन बोल्टन
इधर, बोल्टन ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि मुझे लगता है कि ट्रंप की बातें विरोधाभासी थीं. मुझे लगता है कि यह अंदाजा लगाना मुश्किल है, कि आगे क्या होगा. उनका मकसद इस युद्ध को लेकर साफ नहीं है. उनके संबोधन में उस बुनिआदी सवाल का जवाब नहीं मिला है.
क्या ट्रंप का मकसद परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाना है?
बोल्टन ने पूछा है कि क्या ट्रंप का मकसद परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाना है? क्या मकसद बैलिस्टिक मिसाइलें हैं? असल में मकसद क्या हैं? मुझे लगता है कि ट्रंप अभी भी इस बात को लेकर उलझन में हैं कि उनके युद्ध के लक्ष्य क्या हैं? मुझे नहीं लगता कि लोगों को इन ऑपरेशन्स के लिए कोई डेडलाइन या टारगेट डेट तय करनी चाहिए. मुझे लगता है कि आपको इसे एक रणनीतिक कोशिश के तौर पर देखना चाहिए, इसमें समय लगेगा. खासकर इसलिए क्योंकि ऐसा नहीं लगता कि हम जमीन पर अपनी सेना उतारने वाले हैं. यह काफी लंबे समय तक चल सकता है, क्योंकि जैसे-जैसे और टारगेट सामने आएंगे, जैसे-जैसे हमें ड्रोन बनाने की छिपी हुई फैक्ट्रियां मिलेंगी, उन्हें भी खत्म करना होगा.
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