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मुंबई: चॉल वालों की खुली किस्मत, मकान के बदले मिलेगा बड़ा लग्जरी फ्लैट

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मुंबई के चॉल कल्चर के बारे में तो सभी जानते हैं, इसकी भी अपनी अलग ही कहानी है. मुंबई में सबसे ज्यादा मशहूर चीजों की बात करें तो चॉल का नाम भी लिस्ट में आता है. इन्हीं में से मुंबई की ही जौबा वाड़ी चॉल का जल्दी ही कायाकल्प होने वाला है. ठाकुरद्वार स्थित ये चॉल एक बड़े रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के अंकर्गत आ गई है. अब इस चॉल की जगह पर जल्दी ही लग्जीरियस टॉवर बनने वाला है.

ये प्रोजेक्ट 15 साल से भी ज्यादा समय से अटका हुआ था. इस प्लान में तहत 325 मीटर ऊंचा लग्जरी रेसिडेंशियल टावर बनाया जाएगा. इस प्रोजेक्ट को गोदरेज प्रॉपर्टीज़, मैन इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड (MICL) और श्रीपति ग्रुप मिलकर बनाने वाले हैं.

प्रोजेक्ट से मिलेगा तगड़ा रेवेन्यू
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ये प्रोजेक्ट मरीन लाइन्स, ठाकुरद्वार इलाके में स्थित करीब 2.5 एकड़ की जमीन पर बन रहा है. MICL ने कन्फर्म किया है कि इस प्रोजेक्ट से 6 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है. 

कंपनी ने ये भी बताया कि इस जगर पर 4 और 5 बेडरूम वाले लग्जरी फ्लैट बनाए जाएंगे. इस पूरे 2.5 एकड़ एरिया में 6 लाख स्क्वायर फीट एरिया बिक्री वाला कारपेट एरिया होगा, तो वहीं 13 लाख स्क्वायर फीट का एरिया रिहैबिलिटेशन एरिया होगा, यानी कि इस एरिया में वो लोग रहेंगे जो पहले से ही जौबा वाड़ी के निवासी थे.

सालों से अटका था प्रोजेक्ट
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक जौबा वाड़ी का ये प्रोजेक्ट करीब 15 सालों से अटका हुआ था. जिसके पीछे कई सारे कारण थे, लेकिन इनमें से सबसे बड़ा कारण था फंड्स की कमी होना. साल 2024 की शुरुआत में MICL के डेवलपमेंट मैनेजर के तौर पर इस प्रोजेक्ट में शामिल होने के लिए बातचीत शुरू हुई. इस भूमिका में उन्हें ‘एसेट-लाइट मॉडल’ के तहत कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट और मार्केटिंग की जिम्मेदारी संभालनी थी. MICL ने साल 2025 में इस प्रोजेक्ट के लिए औपचारिक रूप से पार्टनरशिप की. फिलहाल कंपनी वहां पहले से रहने वालों से डवलपमेंट अधिकार लेने के लिए काम कर रही है.

बता दें कि ये प्रोजेक्ट साल 2011 में शुरू हुआ था, जब श्रीपति ग्रुप ने जाओबा वाड़ी के डेवलपमेंट राइट्स हासिल किए थे. इसके बाद ये प्रोजेक्ट कई सालों से अधर में ही लटका हुआ था.

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