उत्तर प्रदेश में शनिवार को बारिश ने आफत का रूप ले लिया। तराई , बुंदेलखंड और अन्य इलाकों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई और करीब 10 जिलों में 200 मिलीमीटर से अधिक पानी बरसा। बारिश के असर से कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया। बरेली में अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सितंबर के प्रेक्षण इतिहास में सबसे कम है। इटावा, शाहजहांपुर, मुरादाबाद और आगरा में भी सितंबर का अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया।
मौसम विभाग का कहना है कि रविवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश के संकेत हैं। मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और बरेली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। तराई के नौ अन्य जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के 27 जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
शनिवार को लखीमपुर खीरी में सर्वाधिक 342 मिलीमीटर बारिश हुई। सीतापुर में 273.2, बांदा में 245.6 और बहराइच में 239 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
तीन दिन में गई 57 की जान
उत्तर प्रदेश में बृहस्पतिवार आधी रात के बाद शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार शाम तक भी नहीं थमा। इतना बरसा कि बारिश लोगों के लिए आफत बन गई। कई जगह कच्चे मकान ढह गए। जगह-जगह पेड़, पोल गिरने से रास्ते बाधित हो गए। बिजली के पोल उखड़ने और लाइन टूटने से आपूर्ति बाधित हुई।
बारिश के कारण हुए हादसों में प्रदेश भर में 57 लोगों की जान चली गई। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को भी प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश के संकेत हैं। मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और बरेली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। तराई के नौ अन्य जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
तापमान गिरा
बारिश से कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया। बरेली में अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सितंबर के प्रेक्षण इतिहास में सबसे कम है। इटावा, शाहजहांपुर, मुरादाबाद और आगरा में भी सितंबर का अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार से बारिश में कमी आने की संभावना है। रविवार को प्रदेश के 27 जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
फसल को नुकसान
बारिश से धान और बाजरा की फसल को नुकसान पहुंचाया है। प्रयागराज, कौशाम्बी और प्रतापगढ़ जिले में सैकड़ों बीघे धान की फसल गिर गई। हमीरपुर में खेत में बोई तिल की फसल पानी में डूबी देख किसान गिर पड़े।

