भारतीय एआई स्टार्टअप सर्वम एआई ने अपना अपग्रेडेड विजन-लैंग्वेज मॉडल सर्वम विजन 2.1 लॉन्च किया है, जो अव्यवस्थित स्कैन्स, उलझे हुए फॉर्म्स और 11 भारतीय भाषाओं में हाथों से लिखे नोट्स को सेकंड्स में डिजिटल डेटा में बदल सकता है। आइए जानते हैं यह एआई मॉडल पहले से कितना बेहतर है…
भाषाओं के जटिल फॉन्ट, पुराने दस्तावेज और हाथ से बनाए गए नोट्स को समझना एआई के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनाैती रही है। इसी समस्या का हल निकालते हुए सर्वम एआई ने अपना नया अपग्रेडेड विजन-लैंग्वेज मॉडल सर्वम विजन 2.1 लॉन्च कर दिया है। यह मॉडल सिर्फ दस्तावेज पढ़ने का काम नहीं करता, बल्कि अव्यवस्थित स्कैन्स और पुरानी फाइलों को एक साफ और स्ट्रक्चर्ड डेटा में तब्दील कर देता है, जिसे बिजनेस सीधे अपने प्रोडक्शन वर्कफ्लो में इस्तेमाल कर सकते हैं।
कंपनी का कहना है कि विजन 2.1 को पिछले वर्जन की कमियों को दूर करने के लिए तैयार किया गया है। इसका फोकस सिर्फ किसी दस्तावेज को पढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि अव्यवस्थित स्कैन्स को साफ और स्ट्रक्चर्ड डेटा में बदलने पर है, ताकि बिजनेस इस डेटा को सीधे अपने प्रोडक्शन वर्कफ्लो में इस्तेमाल कर सकें।
सर्वम विजन 2.1 क्या कर सकता है?
विजन 2.1 को खास तौर पर ऐसे दस्तावेजों के लिए तैयार किया गया है, जिनमें सामान्य टेक्स्ट के साथ टेबल्स, फॉर्म्स और हस्तलिखित जानकारी मौजूद हो सकती है।
कॉम्प्लेक्स टेबल्स को समझना
मॉडल नेस्टेड, कॉम्प्लेक्स और मल्टी-पेज टेबल स्ट्रक्चर्स को बेहतर तरीके से प्रोसेस कर सकता है। यानी कई पेज में फैली या सामान्य फॉर्मेट से अलग बनी टेबल्स से भी जानकारी समझने और व्यवस्थित करने की क्षमता इसमें बेहतर की गई है।
फॉर्म्स से जरूरी जानकारी निकालना:
विजन 2.1 स्ट्रक्चर्ड फॉर्म्स से नाम, तारीख और वित्तीय आंकड़ों जैसी की-वैल्यू जानकारी निकाल सकता है। इससे दस्तावेजों में मौजूद जरूरी डेटा को अलग से इस्तेमाल करने के लिए व्यवस्थित किया जा सकता है।
भारतीय भाषाओं की हैंडराइटिंग पहचानना
इसके अलावा मॉडल की खास क्षमता भारतीय भाषाओं में लिखे हस्तलिखित नोट्स और एनोटेशन्स को पहचानना है। कंपनी ने इसके लिए क्षेत्रीय हैंडराइटिंग वैरिएशन्स पर भी खास ध्यान दिया है।
अनियमित स्कैन्स में बेहतर सटीकता
घने या अनियमित दस्तावेज स्कैन्स में होने वाले हैलुसिनेशन और स्पेसियल इनकंसिस्टेंसी को कम करने के लिए मॉडल को खास ट्रेनिंग दी गई है। इसका उद्देश्य दस्तावेज में मौजूद जानकारी और उसके लेआउट को अधिक सटीक तरीके से समझना है।
22 भारतीय भाषाओं को कवर करता है नया ओसीआर बेंचमार्क
- सर्वम एआई ने विजन 2.1 के साथ नया सर्वम इंडिया ओसीआर बेंचमार्क भी पेश किया है। कंपनी के मुताबिक, यह बेंचमार्क सभी 22 आधिकारिक भारतीय भाषाओं को कवर करता है।
- इस बेंचमार्क में कुल 6,909 सैंपल शामिल हैं। इनमें 6,609 क्षेत्रीय भाषाओं के सैंपल और 300 अंग्रेजी बेसलाइन सैंपल हैं। इसके लिए सामग्री अखबारों, ब्रोशर, किताबों और 1800 से अब तक के ऐतिहासिक अभिलेखों से ली गई है।
बेंचमार्क पर कितना रहा विजन 2.1 का प्रदर्शन?
कंपनी के अनुसार, सर्वम विजन 2.1 ने नए सर्वम इंडिक ओसीआर बेंचमार्क पर 87.39 प्रतिशत ओवरऑल वर्ड एक्यूरेसी हासिल की है। वहीं, ग्लोबल olmOCR-बेंच पर मॉडल का स्कोर 87.30 रहा। ये बेंचमार्क दस्तावेजों और ओसीआर से जुड़ी मॉडल की क्षमता को मापने के लिए इस्तेमाल किए गए हैं।
कैसे हुई मॉडल की ट्रेनिंग?
- विजन 2.1 को सिंथेटिक और रियल-वर्ल्ड डॉक्यूमेंट स्कैन्स के मिश्रण पर ट्रेन किया गया है। इसमें क्षेत्रीय हैंडराइटिंग के अलग-अलग रूपों और फॉर्म-एक्सट्रैक्शन से जुड़े मामलों पर विशेष जोर दिया गया।
- इसके बाद मॉडल को सुपरवाइज्ड लर्निंग के जरिए फाइन-ट्यून किया गया। इसके साथ रेनफोर्समेंट लर्निंग विथ वेरिएबल रिवार्ड्स (RLVR) का भी इस्तेमाल किया गया, ताकि मॉडल की स्ट्रक्चरल और टेक्स्चुअल एक्यूरेसी को बेहतर किया जा सके।
बिजनेस के लिए कैसे उपयोगी होगा?
- विजन 2.1 का उद्देश्य दस्तावेजों से जानकारी निकालने की प्रक्रिया को ज्यादा ऑटोमेटेड और स्ट्रक्चर्ड बनाना है। खास तौर पर ऐसे बिजनेस वर्कफ्लो में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, जहां बड़ी संख्या में स्कैन्ड दस्तावेज, फॉर्म्स या टेबल्स से डेटा निकालना पड़ता है।
- कंपनी के अनुसार, इसका फोकस अव्यवस्थित स्कैन्स को ऐसे स्ट्रक्चर्ड डेटा में बदलने पर है, जिसे बिजनेस सीधे अपने प्रोडक्शन वर्कफ्लो में इस्तेमाल कर सकें।
सर्वम के एपीआई के जरिए मिलेगा मॉडल
सर्वम विजन 2.1 को सर्वम के डॉक्यूमेंट इंटेलिजेंस एपीआई के जरिए उपलब्ध कराया गया है। इन एपीआई में मल्टी-पेज फाइल्स को स्ट्रक्चर्ड टेक्स्ट में बदलने और फॉर्म्स व टेबल्स से ऑटोमैटिक तरीके से डेटा एक्सट्रैक्ट करने वाले टूल्स शामिल हैं।
इस तरह विजन 2.1 का इस्तेमाल सिर्फ दस्तावेज पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि उनमें मौजूद जानकारी को व्यवस्थित डेटा में बदलने के लिए भी किया जा सकता है।


