मेरठ महानगर में बिना मानचित्र अनगिनत अवैध कॉलोनियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट नाराज है। बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर से आदेश जारी किया गया है कि अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन होगा।

खासतौर पर उल्देपुर गांव में अवैध कॉलोनियों के लिए किसने जमीन दी, खरीद-फरोख्त कैसे हुई, पांच साल से विकसित होने के दौरान कॉलोनियों पर मेरठ विकास प्राधिकरण की क्या भूमिका रही है, इसकी पड़ताल होगी।
न्यायिक आयोग के गठन के लिए राज्य सरकार को पहले चरण में 35 लाख रुपये एक सप्ताह के अंदर सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने होंगे। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस सुधांशु धूलिया को आवश्यकतानुसार अन्य सदस्यों को शामिल करने का अधिकार भी दिया गया है। नोडल के रूप में प्रमुख सचिव रहेंगे।

