संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और न्यूयॉर्क के मेयर-इलेक्ट जोहरान ममदानी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. 24 सितंबर को UNGA में भाषण के दौरान नेतन्याहू ने ममदानी की नीतियों और इजरायल को लेकर उनके बयानों की आलोचना की. इसके बाद ममदानी ने भी नेतन्याहू के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए उन पर फिलिस्तीनियों के खिलाफ युद्ध को सही ठहराने के लिए गलत दावे दोहराने का आरोप लगाया.
ममदानी ने कहा कि नेतन्याहू ने UNGA के मंच का इस्तेमाल उन दावों को दोहराने के लिए किया, जिन्हें वह बेबुनियाद मानते हैं. ममदानी के अनुसार, इन दावों का मकसद फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई को सही ठहराना है. उन्होंने यह भी कहा कि नेतन्याहू अभी भी इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट यानी ICC के गिरफ्तारी वारंट का सामना कर रहे हैं. ममदानी की यह टिप्पणी नेतन्याहू के UN भाषण के बाद आई, जिसमें इजरायली प्रधानमंत्री ने ममदानी को सीधे निशाने पर लिया था.
NETANYAHU LO HUMILLÓ EN SU PROPIA CIUDAD
El alcalde de Nueva York, Zohran Mamdani, juró que iba a bloquearlo. Amenazó con detenerlo. Quiso convertirlo en un paria.
Resultado: Netanyahu subió al podio de la ONU y lo destrozó en su cara.
“Señor Mamdani, usted intentó impedirme…— Jhonf Fonseca (@Jhonffonseca) September 24, 2026
नेतन्याहू ने ममदानी की पत्नी पर क्या आरोप लगाया?
नेतन्याहू ने अपने भाषण में कहा कि ममदानी की पत्नी ने ऐसी सोशल मीडिया पोस्ट को लाइक किया था, जिसमें 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले की तारीफ की गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि एक दूसरी पोस्ट में तेल अवीव के अस्तित्व पर सवाल उठाया गया था. यह आरोप पूरी तरह नया नहीं है. मार्च 2026 में टाइम्स ऑफ इजरायल ने रिपोर्ट किया था कि रमा दुवाजी ने 7 अक्टूबर 2023 के हमले से जुड़े कुछ पोस्ट लाइक किए थे. रिपोर्ट के अनुसार, इनमें एक पोस्ट में इजरायल की सीमा तोड़ने की घटना को अपार्थाइड की दीवारें तोड़ना बताया गया था.
नेतन्याहू ने ममदानी पर लगाए ये आरोप
UNGA में अपने भाषण के दौरान नेतन्याहू ने ममदानी पर इजरायल और यहूदी समुदाय के प्रति विरोधी रुख रखने वाले लोगों का समर्थन करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ममदानी के मेयर चुने जाने के बाद न्यूयॉर्क में कई यहूदी खुद को पहले की तुलना में कम सुरक्षित महसूस करते हैं. नेतन्याहू ने ममदानी के उन लोगों से संबंधों का भी जिक्र किया, जिन पर उन्होंने हमास के समर्थन का आरोप लगाया. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट और ममदानी के कुछ सार्वजनिक संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए. ये सभी दावे नेतन्याहू के भाषण में लगाए गए आरोप थे.
गाजा में नरसंहार के आरोप पर नेतन्याहू का जवाब
नेतन्याहू ने अपने भाषण में गाजा में इजरायल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि इजरायल ने नरसंहार नहीं किया, बल्कि उनके अनुसार उसने नरसंहार को रोकने के लिए कार्रवाई की. दूसरी ओर, ममदानी इजरायल की गाजा में सैन्य कार्रवाई के लंबे समय से आलोचक रहे हैं और उन्होंने नेतन्याहू पर फिलिस्तीनियों के खिलाफ गंभीर अपराधों के आरोप लगाए हैं. दोनों नेताओं के बीच यह विवाद पहले से चला आ रहा है और UNGA में दोनों के बयानों के बाद यह एक बार फिर चर्चा में है.
नेतन्याहू के खिलाफ ICC का मामला क्या है?
इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने 21 नवंबर 2024 को बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. ICC के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उन पर युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों से जुड़ी कथित जिम्मेदारी के आरोप हैं. इनमें युद्ध में भूख को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने और नागरिक आबादी पर जानबूझकर हमला करने से जुड़े युद्ध अपराध तथा हत्या, उत्पीड़न और अन्य अमानवीय कृत्यों से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराध शामिल हैं.
ममदानी पहले भी कर चुके हैं गिरफ्तारी वारंट का समर्थन
ममदानी इससे पहले भी कह चुके हैं कि अगर नेतन्याहू न्यूयॉर्क आते हैं तो ICC के गिरफ्तारी वारंट को लागू किया जाना चाहिए. हालांकि, बाद में उन्होंने माना कि न्यूयॉर्क के मेयर के तौर पर उनके पास किसी विदेशी प्रधानमंत्री को खुद गिरफ्तार करने का कानूनी अधिकार नहीं है. इसके बावजूद उन्होंने नेतन्याहू की न्यूयॉर्क यात्रा का विरोध किया था.
UNGA में नेतन्याहू के भाषण के दौरान हुआ वॉकआउट
नेतन्याहू के भाषण के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा के हॉल से कई देशों के प्रतिनिधि बाहर चले गए. रिपोर्टों के मुताबिक बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों ने उनके भाषण की शुरुआत में वॉकआउट किया. इसके बाद नेतन्याहू ने बाहर जाने वाले प्रतिनिधियों को मोरल काउर्ड्स कहा. ममदानी और नेतन्याहू के बीच यह सार्वजनिक टकराव ऐसे समय में हुआ है, जब गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई और फिलिस्तीनी नागरिकों की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है. दोनों पक्षों ने अपने-अपने बयानों में अलग-अलग दावे और आरोप रखे हैं.

