अमेरिका ने बुधवार को बर्थ टूरिज्म पर शिकंजा कसने के लिए वीजा नीति सख्त करने का एलान किया है। अब अमेरिका में बच्चे को जन्म दिलाने के मकसद से यात्रा करने वाले लोगों के साथ-साथ ऐसे नेटवर्क संचालकों, वीजा ‘फिक्सरों’ और मदद करने वाले अन्य लोगों पर भी वीजा प्रतिबंध लगाया जा सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इस कदम का मकसद उन लोगों पर कार्रवाई करना है, जो इमिग्रेशन सिस्टम का फायदा उठाकर अमेरिकी नागरिकता को कारोबार का जरिया बना रहे हैं। यह कदम ट्रंप प्रशासन की अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन नीति को लेकर उठाए जा रहे कदमों की कड़ी में आया है।
रुबियो ने क्या कहा?
मार्को रुबियो ने अपने एक बयान में कहा, ‘जो लोग इस तरह की धोखाधड़ी में शामिल हैं और इससे मुनाफा कमाते हैं, उनके वीजा पर रोक लगाकर हम साफ संदेश दे रहे हैं कि अमेरिका विदेशियों को अपने इमिग्रेशन सिस्टम का गलत फायदा उठाने और अमेरिकी नागरिकता की पवित्रता का उल्लंघन करने की इजाजत नहीं देगा।’ रुबियो के मुताबिक, नई नीति उन लोगों को निशाना बनाएगी जो जानबूझकर अमेरिका में बर्थ टूरिज्म में शामिल हैं, पहले इसमें शामिल रह चुके हैं या इसे किसी भी तरह से बढ़ावा देते हैं। इसमें कमर्शियल बर्थ टूरिज्म नेटवर्क चलाने वाले या उनका प्रबंधन करने वाले लोग भी शामिल हैं।
वीजा ‘फिक्सर’ और मेडिकल प्रोवाइडर भी दायरे में
अमेरिका ने उन वीजा ‘फिक्सरों’ को भी निशाने पर लिया है, जो आवेदकों को वीजा हासिल करने के लिए धोखाधड़ी करने की ट्रेनिंग या सलाह देते हैं। इसके अलावा ऐसे विदेशी मेडिकल प्रोवाइडर भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं, जो इस तरह की यात्राओं को जानबूझकर आसान बनाते हैं या मेडिकेड सिस्टम के फर्जी इस्तेमाल में मदद करते हैं।
आखिर क्या है ‘बर्थ टूरिज्म’?
‘बर्थ टूरिज्म’ उस प्रथा को कहा जाता है, जिसमें कोई व्यक्ति मुख्य रूप से इस उद्देश्य से अमेरिका जाता है कि वहां बच्चे का जन्म हो और उसे अमेरिकी नागरिकता मिल सके। अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय रहा है।
ट्रंप के आदेश के बाद बढ़ी कानूनी और राजनीतिक हलचल
पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए थे। इनमें एक आदेश अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाले कुछ बच्चों को नागरिकता से जुड़े दस्तावेज जारी करने पर रोक लगाने से संबंधित था, जबकि दूसरे में ‘बर्थ टूरिज्म’ के लिए अमेरिका में प्रवेश को प्रतिबंधित करने की बात कही गई थी।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आया नया कदम
इन आदेशों की पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट का वह फैसला भी है, जिसमें ट्रंप के 20 जनवरी 2025 के उस कार्यकारी आदेश को खारिज कर दिया गया था, जिसमें अमेरिका में गैर-नागरिकों से जन्मे बच्चों को मिलने वाली स्वचालित नागरिकता को सीमित करने की कोशिश की गई थी। इसके बाद प्रशासन ने बर्थ टूरिज्म से जुड़े लोगों और नेटवर्क पर अलग तरीके से कार्रवाई आगे बढ़ाने का कदम उठाया है।


