केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार फिर ईंधन मिश्रण वाले ईंधन का मजबूती से समर्थन किया है। संसद और सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल से वाहनों को नुकसान पहुंचने के दावों के बीच, नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने इन सभी चिंताओं को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि दुनिया के 19 देशों में इथेनॉल का इस्तेमाल सफलतापूर्वक किया जा रहा है। और वर्तमान में भारत में किसी भी वाहन से इथेनॉल-मिश्रित ईंधन को लेकर कोई शिकायत नहीं आ रही है।
100% फ्लेक्स-फ्यूल से चलने वाली पहली कार कब लॉन्च होगी और इसके क्या फायदे होंगे?
गडकरी ने फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक पर आधारित गाड़ियों के लॉन्च की तारीख और इसकी खूबियों का खुलासा करते हुए कहा:
“अक्तूबर में मुझे टोयोटा की इनोवा (Toyota Innova) कार के लॉन्च के लिए आमंत्रित किया गया है, जो 100% फ्लेक्स-फ्यूल पर चलेगी। यह वाहन पूरी तरह से इथेनॉल से चलेगा और चलते समय 60 प्रतिशत बिजली भी पैदा करेगा। अगर पेट्रोल की कीमत से तुलना की जाए, तो इसका इस्तेमाल 25 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल के बराबर पड़ेगा और इससे कोई प्रदूषण भी नहीं होगा।”
इथेनॉल नीति से किसानों और अर्थव्यवस्था को कितना फायदा हो रहा है?
इथेनॉल उत्पादन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय से जोड़ते हुए केंद्रीय मंत्री ने सरकारी नीतियों के फायदे गिनाए:
- किसानों की आय में बढ़ोतरी: मक्के से इथेनॉल बनाने के सरकार के फैसले से उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों को लगभग 45,000 करोड़ रुपये का भुगतान मिला है।
- पारंपरिक ईंधन लॉबी पर तंज: गडकरी ने कहा कि जिन लोगों का 22 लाख करोड़ रुपये का जीवाश्म ईंधन का कारोबार प्रभावित होगा, वे नीतियों और उनकी आलोचना करेंगे। लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य देश के किसानों का कल्याण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता है।
नितिन गडकरी ने रोजगार बढ़ाने के लिए ‘बाइक टैक्सियों’ का समर्थन क्यों किया?
कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने देश में तेजी से लोकप्रिय हो रहीं ‘बाइक टैक्सी’ सेवाओं को बढ़ावा देने की पुरजोर सिफारिश की। उन्होंने इसे कम दूरी की यात्रा के लिए एक किफ़ायती विकल्प और युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा जरिया बताया:
- राज्यों के परिवहन मंत्रियों से अपील: गडकरी ने कहा कि वे सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों से अपील कर रहे हैं कि वे गांव-देहात के गरीब युवाओं और दोपहिया वाहन मालिकों को टैक्सी प्लेटफॉर्म से जुड़ने का मौका दें।
- बिना बड़े निवेश के 10 करोड़ नौकरियां: उन्होंने कहा कि ये प्लेटफॉर्म नाममात्र 25 रुपये प्रति माह का शुल्क लेते हैं और बिना किसी बड़े निवेश के लोगों को कमाई का साधन प्रदान करते हैं। इस मॉडल से भारत में करीब 10 करोड़ लोगों को रोजगार दिया जा सकता है।
- रेपिडो का उदाहरण: अपने एक फैसले का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उनके एक हस्ताक्षर से बंगलूरू की रैपिडो कंपनी के जरिए 3.5 करोड़ लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिली है।


