22 सितंबर 2025 को लागू हुए ‘वस्तु एवं सेवा कर’ (जीएसटी 2.0) सुधारों ने भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र में ऐतिहासिक तेजी ला दी। टैक्स दरों के सरलीकरण और टैक्स में कटौती से वाहनों की कीमतें घटी हैं, जिससे ग्राहकों के लिए कार खरीदना अधिक किफायती हो गया है।
इस टैक्स सुधार के तहत सरकार ने ऑटोमोबाइल्स के सबसे बड़े बिक्री सेगमेंट के लिए मानक टैक्स दरों को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया। इस ऐतिहासिक फैसले के एक साल पूरे होने पर ऑटो जगत की दिग्गज कंपनियों- मारुति सुजुकी, ह्यूंदै और महिंद्रा ने बिक्री में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है। और मांग को पूरा करने के लिए अपने कैपेक्स और क्षमता विस्तार की योजनाओं को तेज कर दिया है।

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Maruti Suzuki e Vitara
– फोटो : Maruti Suzuki
मारुति सुजुकी की एंट्री-लेवल कारों और एक्सपोर्ट्स में कितनी बड़ी उछाल आई?
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (MSIL) को टैक्स घटने का सबसे बड़ा फायदा एंट्री-लेवल (छोटों कारों) के सेगमेंट में मिला है:
- एंट्री सेगमेंट में 96% की ग्रोथ: मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने बताया कि टैक्स की दरें कम होने से एंट्री-लेवल कारों की बिक्री में 96 प्रतिशत से अधिक का जबरदस्त उछाल आया है।
- टू-व्हीलर से फोर-व्हीलर पर शिफ्ट: सस्ती दरों की वजह से मध्यम वर्ग और पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों की आकांक्षाओं को उड़ान मिली है, जिससे लाखों परिवार दोपहिया से चार पहिया वाहन पर शिफ्ट हो रहे हैं।
- ओवरऑल ग्रोथ व एक्सपोर्ट्स: अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान मारुति सुजुकी की कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री में 36% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ताकेउची ने कहा कि घरेलू स्तर पर बड़े पैमाने और प्रतिस्पर्धात्मकता हासिल होने से वैश्विक बाजार में भी भारत से गाड़ियों का निर्यात बढ़ा है। जिसके दम पर कंपनी अपने पूंजीगत खर्च में तेजी ला रही है।

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Hyundai Grand i10 Nios Vibe Edition
– फोटो : Hyundai
ह्यूंदै मोटर इंडिया के बिक्री आंकड़ों पर GST 2.0 का क्या असर पड़ा?
ह्यूंदै मोटर इंडिया लिमिटेड (HMIL) के एमडी और सीईओ तरुण गर्ग के अनुसार, टैक्स कटौती के बाद से भारतीय ऑटो बाजार एक नए उच्च स्तर पर पहुंच गया है:
- हर महीने 4 लाख यूनिट्स की बिक्री: जीएसटी 2.0 के लागू होने के बाद से भारतीय पैसेंजर व्हीकल उद्योग में हर महीने औसतन 4 लाख यूनिट्स की थोक बिक्री अब एक नया सामान्य स्तर बन चुका है।
- सालाना बढ़त: पैसेंजर व्हीकल उद्योग ने सितंबर 2025 से मार्च 2026 के दौरान सालाना आधार पर 15 प्रतिशत से अधिक और चालू वित्त वर्ष 2026-27 (अप्रैल से अगस्त FY27) के दौरान 29 प्रतिशत से अधिक की मजबूत ग्रोथ दर्ज की है।
- उत्पादन विस्तार: बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए हुंडई पुणे स्थित जनरल मोटर्स के तालेगांव प्लांट के अधिग्रहण सहित अपनी विनिर्माण क्षमता का तेजी से विस्तार कर रही है।

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Mahindra XUV700
– फोटो : Mahindra
महिंद्रा ग्रुप की एसयूवी, कमर्शियल व्हीकल और ऑटो फाइनेंस कारोबार पर इसका क्या असर हुआ?
महिंद्रा ग्रुप के ग्रुप सीईओ और एमडी अनीश शाह ने जीएसटी 2.0 को एक कुशल और विकास-उन्मुख टैक्स व्यवस्था का मील का पत्थर बताया। उन्होंने बताया कि महिंद्रा के विभिन्न वर्टिकल्स में इसका सीधा सकारात्मक असर दिखा है:
- SUV और ट्रैक्टर्स की बिक्री: टैक्स सुधार के बाद महिंद्रा की एसयूवी की बिक्री में 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जबकि लाइट कमर्शियल व्हीकल्स (LCVs) और ट्रैक्टर्स सेगमेंट में 20 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।
- महिंद्रा फाइनेंस को मजबूती: वाहनों की बेहतर सामर्थ्य और ग्राहकों के मजबूत कैश-फ्लो के कारण ‘महिंद्रा फाइनेंस’ से लोन वितरण में भारी बढ़ोतरी हुई है और पुनर्भुगतान भी काफी बेहतर हुआ है।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश: अनीश शाह ने कहा कि इस सुगम टैक्स ढांचे और कम ट्रांजैक्शन कॉस्ट ने न केवल ऑटो, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, रियल एस्टेट, टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन को भी मजबूती दी है। बढ़ी हुई मांग को देखते हुए महिंद्रा ग्रुप अपने कई व्यवसायों में क्षमता बढ़ाने के लिए नया निवेश कर रहा है।

