पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 103 दिन से जारी विद्रोह में आज राजधानी मुजफ्फराबाद में एक बार फिर प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी सेना के बीच तनाव शुरू हो गया. शाम 4 बजे नीलम पुल पर प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी रेंजर्स ने अंधाधुंध फायरिंग की और आँसू गैस के गोले छोड़े. इसी तरह नीलम घाटी में भी प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना ने गोलीबारी की. PoK से आई प्राथमिक जानकारी के मुताबिक शाम 4 बजे हुए गोलीबारी में 13 लोग घायल हुए हैं.
मुजफ्फराबाद में किया गया था बंद का ऐलान
आज PoK के मुजफ्फराबाद डिवीज़न के सभी जिलों में प्रदर्शनकारियों ने बंद का ऐलान किया था. इसी वजह से सुबह से दुकानें और बाज़ारें बंद रही और पूरी राजधानी में बंद का असर दिखा. दुकानें बंद करने के बाद लोग सड़कों पर उतरे और पाकिस्तान की सरकार और सेना के ख़िलाफ नारेबाज़ी की. इसी नारेबाज़ी का जवाब पाकिस्तानी रेंजर्स और PoK पुलिस ने बर्बर तरीके से आँसू गैस के गोले और गोलियां दाग कर दिया.
लगातार हो रही PoK में हिंसा
बता दें कि पिछले महीने Pok में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान भी पाकिस्तानी रेंजर्स और पाकिस्तानी पुलिस ने आम जनों पर बर्बरता से गोलियां चलाई गईं थी. जिसमें कई सारे लोगों की मौत की भी खबरें आईं थीं। इस दौरान स्थानीय लोगों ने पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की थी. पाकिस्तानी सैन्य बलों की इस बर्बरता को देखते हुए युवाजनों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया था.
पिछले कुछ समय से लगातार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर क्षेत्र से आम जनों के दमन, उत्पीड़न, भेदभाव और अत्याचार की खबरें आ रहीं हैं. जिसके खिलाफ मुजफ्फराबाद, रावलकोट और मीरपुर जैसे शहरों में लगातार जन आंदोलन हो रहे हैं.
PoK में 5 जून से इंटरनेट बंद है, साथ ही 16 जून से पाकिस्तान के अन्य इलाकों से PoK में खाने की सामग्री नहीं आ पा रही है. सेना और रेंजर्स की गोलियों से 133 लोग पिछले 103 दिनों में मारे जा चुके हैं.
