अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत पाकिस्तान संघर्ष (ऑपरेशन सिंदूर) समेत दुनिया की 8 जंग टैरिफ लगाकर रुकवाने का दावा करते हुए, अपने संयुक्त महासभा के 81वें सेशन में दिए भाषण को पूरा किया. इस दौरान उन्होंने ईरान को लेकर कई तरह की बातें कहीं हैं. ऐसे में हम उनके मंगलवार को दिए भाषण की 10 बड़ीं बातें साझा कर रहे हैं.
दुनियाभर की 8 जंग रुकवाने का दावा
ईरान पर अटैक करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में जिन 8 देशों में टैरिफ लगाकर जंग रुकवाने का दावा किया उनमें भारत-पाकिस्तान, गाजा संघर्ष, आर्मेनिया-अजरबैजान संघर्ष शामिल हैं. उन्होंने पाकिस्तान पीएम को अद्भुत शख्स बताया. ट्रंप अबतक कई बार इस संघर्ष को रुकवाने का दावा कर चुके हैं और अपनी पीठ थपथपा चुके हैं. लेकिन भारत हमेशा से ही किसी भी तरह से तीसरे देश की मध्यस्थता से इनकार करता रहा है.
ईरान को दी सीधी धमकी, कहा- डील करो या खत्म कर देंगे
ट्रंप के भाषण की जो सबसे अहम बात रही, वो ईरान को खत्म करने की धमकी देना था. ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि उनके सामने एक बड़ा फैसला है. ईरान के साथ डील करना, या फिर उसे खत्म कर देना. उन्हें यह काम जल्दी करना है. ताकि फिर से किसी तरह का नुकसान पहुंचाने से रोका जा सके.
ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की UN से अपील
ट्रंप ने ईरान को धमकी देने के अलावा यूएन से उसे आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की अपील की है. ट्रंप ने कहा है कि अगर यह स्ट्रेटजी काम करेगी, तो तेल की कीमतों में काफी गिरावट आ सकती है. उन्होंने यूएन के सदस्य देशों समेत सभी से ईरान को आर्थिक रूप से बॉयकॉट करने और इकॉनोमिकल प्रेशर बनाने की अपील की है.
वेनेजुएला की कार्रवाई पर ट्रंप ने खुद की थपथपाई पीठ
डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई को सही ठहराया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसको लेकर तारीफ करते हुए कहा कि जीतने वाले को सबकुछ मिलता है. बता दें, अमेरिका ने वेनेजुएला में हमला करते हुए, तख्तापलट कर दिया था और वहां के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरों को अरेस्ट कर जेल में डाल दिया. तब से अप्रत्यक्ष तौर पर अमेरिका वेनेजुएला की सत्ता संचालित कर रहा है.
पड़ोसी मुल्कों को वामपंथ का ठिकाना न बनने देने को लेकर दी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जो सबसे बड़ी बातें थीं, उनमें क्यूबा का जिक्र करते हुए अमेरिकी उपमहाद्वीप से वामपंथ को खत्म करने की बात कही. ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि अमेरिका में कम्युनिज्म या वामपंथ की विचारधारा कभी नहीं आएगी. अमेरिका अपने पड़ोसी मुल्कों को इसका ठिकाना नहीं बनने देगा. ऐसे देशों में जो वॉशिंगटन के लिए खतरे के रूप में उभरें. उन्होंने क्यूबा में सरकार गिराने की बात भी यूएन के मंच से की, जिसके बाद क्यूबा का डेलीगेशन बीच भाषण छोड़कर बाहर चला गया.
ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका-डेनामार्क में डील होगी साइन
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में ग्रीनलैंड का भी जिक्र किया. ट्रंप लगातार इस देश पर कब्जा करने की बात करते रहे हैं. ऐसे में यूएन के मंच से इसका जिक्र अहम हो जाता है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड में बड़े स्तर पर अमेरिकी सेना को तैनात करेगा. जल्द ही वहां दो बड़े मिलिट्री बेस बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इसके जरिए अमेरिका महाद्वीप और अन्य यूरोपियन देशों के अलावा दूसरे इलाकों की सिक्योरिटी सुनिश्चित कर सकेगा. ट्रंप ने साफ कहा है कि उसके दुश्मन देश को सेना बनाने और किसी भी तरह के संवेदनशील इन्वेस्टमेंट की परमिशन नहीं दी जाएगी. वो भी तब तक जबतक वॉशिंगटन से इसकी ऑन पेपर मंजूरी न मिल जाए. ट्रंप ने कहा है कि ग्रीन लैंड को लेकर डेनमार्क और अमेरिका के बीच हुई डील आज ही साइन की जाएगी.
आर्टिफियल इंटेलिजेंस का किया नया नामकरण
डोनाल्ड ट्रंप संयुक्त राष्ट्र के मंच पर एक तरफ अमेरिका की तकनीकी शक्ति का बखान कर रहे थे, तो उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नया नामकरण कर दिया. ट्रंप ने कहा कि एआई के बहाने इंसानी चेतावनी देने वाले लोग वही हैं, जो उनके रूसी साजिश से जुड़े होने की पैरवी करते हैं. ट्रंप ने एआई को सुपर इंटेलिजेंस कहा है. उन्होंने कहा कि हम सुपर इंटेलिजेंस को बढ़ावा देंगे. हम एआई पर रोक नहीं लगाएंगे. यह इशारा हाल ही में उन बड़े टेक लीडर्स की ओर है, जिन्होंने एआई के विकास की स्पीड रोकने की बात कही थी. ट्रंप ने कहा कि हम पहले भी कह चुके हैं, कि जो देश एआई के रेस जीतेगा, वह दुनिया में आगे रहेगा. अमेरिका एआई पर ज्यादा पाबंदी भरे कानूनी कायदे या नियम लगाने के खिलाफ है.
ICC को बताया बेकाबू संस्था
ट्रंप के भाषण में जिस बात ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, उसमें ICC का जिक्र रहा. ट्रंप ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट को एक बेकाबू संस्थान करार दिया है. साथ ही इसके मेंबर्स से तुरंत संस्था से अलग होने और इस्तीफा देने को कहा है.
हॉर्मुज पर टैरिफ लगाने के बहाने के क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज में टैरिफ लगाने की बात करते कहा है कि अमेरिकी नौसेना हाल ही में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से 1 अरब बैरल से ज्यादा तेल निकालने वाले जहाजों को मंजूरी दे चुकी है. सबसे ज्यादा तेल इस जलमार्ग से गुजर रहा है. इसके अलावा ट्रंप ने सिक्योरिटी काउंसिल को कमर्शियल जहाजों पर हमला करने के निंदा प्रस्ताव का पास करने के लिए थैंक्यू किया है. उन्होंने सभी देशों से ईरान पर प्रेशर बनाए रखने की बात पर जोर दिया है.
अमेरिका को लेकर बोले- हम सबसे पावरफुल
इसके अलावा ट्रंप ने यूएन के भाषण के दौरान अमेरिका की मिसाल देते हुए, उसे दुनिया की बेहतर और सबसे पावरफुल इकॉनोमी बताया. उन्होंने कहा, हमारी सेना पावरफुल है. हमारी तकनीक का कोई मुकाबला नहीं. हम हर सेक्टर में अच्छा काम कर रहे हैं. दो साल पहले हमारा देश खत्म होने की कगार पर था, लेकिन अब दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला देश है.


