भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA 20 अक्टूबर 2026 से लागू हो जाएगा. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसकी जानकारी दी. इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाना, भारतीय सामान के लिए न्यूजीलैंड का बाजार खोलना और निवेश को बढ़ावा देना है.
95% न्यूजीलैंड के सामान पर घटेगी या खत्म होगी ड्यूटी
इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड से भारत आने वाले करीब 95% सामान पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म या काफी कम हो जाएगी. इनमें न्यूजीलैंड की मशहूर वाइन, कीवी और सेब जैसे उत्पाद शामिल हैं. वहीं भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले सभी सामान को ड्यूटी-फ्री बाजार पहुंच मिलेगी यानी भारतीय कंपनियों के लिए न्यूजीलैंड में अपने उत्पाद बेचने का रास्ता आसान होगा.
भारतीय छात्रों और कामगारों के लिए भी राहत
FTA में सिर्फ सामान का व्यापार ही शामिल नहीं है. इसके तहत भारतीय छात्रों और कामगारों की न्यूजीलैंड में आवाजाही से जुड़े नियमों को भी आसान किया जाएगा. इसके अलावा न्यूजीलैंड ने अगले 15 साल में भारत में 20 अरब डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है.
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2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
भारत और न्यूजीलैंड ने दोनों देशों के बीच व्यापार को 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा है. जून 2026 तक के 12 महीनों में दोनों देशों के बीच करीब 2.3 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था.
न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया में व्यापार को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है और कई देशों में टैरिफ बढ़ रहे हैं भारत और न्यूजीलैंड ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों देशों के कारोबार के लिए फायदेमंद हो सकता है.
अमेरिका के साथ तनाव के बीच भारत की बड़ी रणनीति
भारत और न्यूजीलैंड का यह समझौता ऐसे समय हो रहा है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर तनाव बना हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार देने वाला कानून पारित हुआ है.
अमेरिका अभी भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है. ऐसे में भारत लगातार दूसरे देशों में अपने निर्यात के लिए नए बाजार तलाश रहा है. ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौतों के बाद न्यूजीलैंड के साथ FTA भी इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
भारत ने पिछले सप्ताह रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका की नई टैरिफ व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि इससे दोनों देशों के रिश्तों पर असर पड़ सकता है. कुल मिलाकर भारत-न्यूजीलैंड FTA से भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड के बाजार में बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है जबकि न्यूजीलैंड के कृषि और अन्य उत्पादों के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश आसान होगा.
समझौते से क्या बदलेगा?
- न्यूजीलैंड से भारत आने वाले करीब 95% सामान पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी खत्म या काफी कम हो जाएगी.
- इसमें शराब, कीवी फल और सेब जैसे उत्पाद शामिल हैं.
- दूसरी तरफ भारत के सभी सामान को न्यूजीलैंड में बिना ड्यूटी के प्रवेश मिलेगा.
- भारतीय छात्रों और कामगारों के लिए न्यूजीलैंड जाने और वहां काम करने के नियम आसान किए जाएंगे.
- न्यूजीलैंड अगले 15 साल में भारत में 20 अरब डॉलर निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है.
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