सुनाम के निकटवर्ती गांव नमोल के रहने वाले जग्गा सिंह ने कथित उत्पीड़न और पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से आहत होकर डीसी आफिस के बाहर जहर निगल लिया। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें गंभीर हालत में पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

वहीं इस मामले में कांग्रेस से लेकर अकाली दल और भाजपा के शीर्ष नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर सवाल उठाए हैं । कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला समेत भाजपा के तमाम नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया है।
दूसरी तरफ गांव नमोल में ग्रामीण इकट्ठे हो रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि जग्गा सिंह खुद ही नशा करता है।
चिट्टे के खिलाफ वीडियो बनाने के बाद शुरू हुआ विवाद
अस्पताल में भर्ती जग्गा सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने नशे (चिट्टे) के खिलाफ आवाज़ उठाते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट की थी। उनका आरोप है कि इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही गांव का सरपंच और उसके साथी उन्हें लगातार तंग करने लगे। पहले वह खुद नशे का आदी रह चुका है।
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने उनके घर में जबरन घुसकर मारपीट व तोड़फोड़ की और उन्हें जान से मारने की धमकियां दीं। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया और डीवीआर भी उखाड़कर अपने साथ ले गए।
जग्गा सिंह ने रोते हुए अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस में भी दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई न किए जाने और लगातार मिल रही धमकियों के कारण वे मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुके थे। न्याय न मिलने से हताश होकर आखिरकार उन्हें यह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस के नेता व पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला, राजिंदर दीपा और भाजपा नेत्री ने सोशल मीडिया पर उक्त वीडियो पोस्ट कर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं ।
नमोल के सरपंच पर मामला दर्ज
एसएचओ योगेश गर्ग ने बताया कि इस मामले में पीड़ित जग्गा सिंह की पत्नी के बयान के आधार पर सरपंच के खिलाफ मामला दर्ज़ किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

