पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पुलिस ने आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के राज्य सचिव को नकली मुद्रा और अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, रेजीनगर उपचुनाव के एक स्वतंत्र उम्मीदवार को भी पुराने मामले में पकड़ा गया है।

नकली मुद्रा और हथियारों के स्रोत की जांच कर रही पुलिस
पुलिस ने 2026-09-18 की रात मुर्शिदाबाद जिले के हरिहरपाड़ा में वाहन जांच के दौरान एजेयूपी के राज्य सचिव आशिक इकबाल को गिरफ्तार किया। उनके साथ यात्रा कर रहे एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस ने गरिनामा क्षेत्र के पास एक एसयूवी को रोका, जिसकी जांच में 108 नकली 500 रुपये के नोट मिले। साथ ही, दो आग्नेयास्त्र और चार कारतूस भी बरामद हुए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह गिरफ्तारी नियमित जांच अभियान का हिस्सा थी। पुलिस नकली मुद्रा और हथियारों के स्रोत व उनके उपयोग की जांच कर रही है। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या नकली मुद्रा का उपयोग चुनाव में किया जाना था।
क्या एजेयूपी प्रमुख को भी नोटिस मिला?
2026-09-19 को बहरामपुर पुलिस ने एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर को नोटिस भेजा। उन्हें 2026-09-21 को जांच अधिकारियों के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह मामला दो समुदायों के बीच तनाव भड़काने की कथित साजिश से जुड़ा है। पुलिस ने 2026-09-14 को यह मामला दर्ज किया था। पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी की थी, जिसमें तनाव भड़काने की साजिश का संकेत मिला था।
उपचुनाव से पहले और कौन गिरफ्तार हुआ?
रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए एक स्वतंत्र उम्मीदवार को भी 2026-09-19 को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी 2021 के राज्य चुनावों के दौरान दो समूहों के बीच झड़प के पांच साल पुराने मामले में हुई है। 6 अक्तूबर को रेजीनगर में उपचुनाव होना है। एजेयूपी ने इस सीट से हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है। कबीर ने 2026 विधानसभा चुनाव में नवादा सीट बरकरार रखने के बाद यह सीट खाली की थी।

