अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा पर विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका लाने वाले नियोक्ताओं पर लगने वाला 1 लाख अमेरिकी डॉलर का शुल्क एक साल के लिए बढ़ा दिया है। व्हाइट हाउस ने यह जानकारी दी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए कहा कि 2025 में 1 लाख अमेरिकी डॉलर शुल्क लगाने के फैसले के बाद बड़ी आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों की एच-1बी पंजीकरण संख्या में 92 प्रतिशत की कमी आई है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने कहा, 2025 की घोषणा को एक साल के लिए बढ़ाने से अमेरिका के आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा जारी रहेगी। इससे अमेरिकी कर्मचारियों और स्नातकों के लिए रोजगार बाजार तक पहुंच बेहतर होगी। साथ ही यह सुनिश्चित होगा कि नियोक्ता जरूरत पड़ने पर केवल सबसे ज्यादा कुशल और जरूरी विदेशी कर्मचारियों की भर्ती करें। यह कार्यक्रम के मूल उद्देश्य के अनुरूप होगा।
अमेरिका के एच-1बी वीजा कार्यक्रम से सबसे ज्यादा लाभ पाने वाला समूह अब भी भारतीय नागरिक हैं। 2025 में 1 लाख अमेरिकी डॉलर शुल्क लगाने के फैसले को कानूनी चुनौती भी मिली है। यह मामला दो अलग-अलग संघीय अदालतों में चल रहा है।
किन विदेशी नागरिकों पर लागू है आदेश?
2025 में शुल्क बढ़ाने का आदेश इसी महीने खत्म होने वाला था। यह आदेश उन विदेशी नागरिकों को दिए जाने वाले वीजा पर लागू नहीं था, जो पहले से छात्र वीजा पर अमेरिका में रह रहे हैं। नए एच-1बी वीजा पाने वालों में ऐसे लोगों की बड़ी संख्या है। यह शुल्क मौजूदा वीजा के नवीनीकरण पर भी लागू नहीं था।
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इस आदेश में श्रम मंत्री के लिए 30 दिन की समय सीमा भी तय की गई है। श्रम मंत्री मजदूरी और घंटे विभाग के माध्यम से पहले जमा किए गए श्रम स्थिति आवेदनों के आंकड़ों की समीक्षा शुरू करेंगे। इस समीक्षा से यह तय किया जाएगा कि एच-1बी वीजा के लिए कर्मचारियों को प्रायोजित करने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई जरूरी है या नहीं।

क्या जांच और भी सख्त होगी?
राष्ट्रपति ने एक अलग घोषणा भी जारी की है। इसमें एच-1बी वीजा आवेदनों की जांच को और सख्त किया गया है। इसके लिए अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया है।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक तथ्य पत्र में कहा गया, यह आदेश एच-1बी वीजा कार्यक्रम में अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर करता है। साथ ही उन एच-1बी वीजा आवेदनों की ज्यादा सख्ती से जांच का निर्देश देता है, जिनमें अमेरिकी कर्मचारियों के नौकरी से हटाए जाने का जोखिम ज्यादा है।
आदेश में विदेश मंत्री, श्रम मंत्री और गृह सुरक्षा मंत्री को निर्देश दिया गया है। एच-1बी वीजा आवेदनों पर विचार करते समय अधिकारी यह भी देखेंगे कि आवेदन करने वाले नियोक्ता ने हाल में इसी तरह के अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से हटाया है या नहीं। वे यह भी देखेंगे कि क्या नियोक्ता ने भविष्य में ऐसे कर्मचारियों की छंटनी की योजना बनाई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि एच-1बी गैर-आप्रवासी वीजा कार्यक्रम अमेरिका की अर्थव्यवस्था में रणनीतिक रूप से मदद करने के लिए खास कौशल और बहुत विशेष योग्यता रखने वाले विदेशी अस्थायी कर्मचारियों की पहचान करने के लिए बनाया गया था।
ट्रंप ने कहा, इसके बजाय कुछ नियोक्ताओं, तीसरे पक्ष के नियुक्ति समूहों और आउटसोर्सिंग कंपनियों ने इस कार्यक्रम का बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल किया है। इसका इस्तेमाल अमेरिका के कुशल श्रमिकों की उपलब्धता को कम करने और उन्हें उनकी नौकरियों से हटाने के लिए किया गया है।
भारतीयों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
प्रस्तावित बदलाव का भारतीयों पर खास असर पड़ सकता है। एच-1बी वीजा हासिल करने वालों में 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय हैं। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने 2024 में 3,99,402 एच-1बी याचिकाओं को मंजूरी दी थी। इनमें भारतीय मूल के लाभार्थियों की हिस्सेदारी 71 प्रतिशत थी। हाल के अनुमानों के मुताबिक, अमेरिकी जनगणना के आंकड़ों के आधार पर अमेरिका में भारतीय मूल के 52 लाख से अधिक लोग रहते हैं।

एच-1बी वीजा के नए नियम लागू करने का खामियाजा खुद अमेरिका को भी उठाना पड़ सकता है। जानकारों की ऐसी ही राय है कि इसका पहला असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर संकुचन के रूप में पड़ेगा। अमेरिकी कंपनियों में भी काफी उथल-पुथल मची है। एच-1बी वीजा के नए नियमों का असर जरूर होगा। सिर्फ आईटी ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवा, डॉक्टर, नर्स और अन्य वित्तीय सेवा कंपनियां भी प्रभावित होंगी।
अमेरिका के ग्रामीण इलाकों में लगभग 16,000 भारतीय मूल के डॉक्टर काम कर रहे हैं। एच-1बी वीजा से अमेरिका के कई क्षेत्रों को फायदा हो रहा है। आईटी सेक्टर में बड़ी कंपनियों के पास 5,000 से 10,000 एच-1बी कर्मचारी हैं। वे इन कामों को आउटसोर्स करने की कोशिश करेंगी। इस नियम का फायदा वैंकूवर और आसपास के अन्य देशों जैसे विदेशी केंद्रों को हो सकता है।

