इंदौर के समीप सांवेर गांव में बुधवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। खतरनाक मकान की दीवार गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि मलबे में दबने से दो लोग घायल हुए हैं। मकान वर्षों पुराना था और अफसरों ने उसे हटाने के लिए नोटिस भी दिया था।

मकान मालिक ने सुरक्षा प्रबंधों की अनदेखी करते हुए मजदूरों को मकान हटाने का जिम्मा दिया था। मकान तोड़ते समय एक दीवार काम कर रही मजदूर महिलाओं पर गिर पड़ी। दीवार के नीचे पांच लोग दब गए थे, जिनमें से तीन की मौत हो गई, जबकि दो लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने मलबे से दबे लोगों को बाहर निकाला और पहले सांवेर के अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें इंदौर के अस्पताल भेजा गया। मृतकों की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है। मकान मालिक इंदौर में रहता है। जर्जर होने के कारण मकान में कोई नहीं रहता था।
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मकान के मलबे में लोगों के दबे होने की सूचना मिलने के बाद इंदौर से एसडीआरएफ की टीम रवाना हुई। स्थानीय स्तर पर ग्रामीण और पुलिस जवान भी मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश करते रहे। मलबे में से पहले एक शव बरामद हुआ, इसके बाद दो अन्य शव निकाले गए। ग्रामीण मलबे में एक बच्चे के दबे होने की आशंका जता रहे थे, लेकिन बचाव टीम को कोई बच्चा नहीं मिला। घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई थी, जिसे पुलिसकर्मी बार-बार हटाते रहे। मकान सांवेर की घनी बसाहट वाले इलाके में था।
