UPI के जरिए पेमेंट करने वालों को सरकार ने बड़ी राहत दी है. पिछले कई दिनों से इसके चार्जेज को लेकर चल रहे कंफ्यूजन को सरकार ने फाइनली क्लियर कर दिया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि 2000 रुपये तक के UPI पेमेंट पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर किसी भी तरह का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष चार्ज नहीं लगा सकते. ये नियम RuPay डेबिट कार्ड से किए जाने वाले पेमेंट पर भी लागू होगा.
सरकार ने किया साफ
दरअसल सोमवार को वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट, 2007 के तहत एक मेमोरेंडम जारी किया है. जिसमें 2 हजार रुपये तक के UPI पेमेंट और RuPay डेबिट कार्ड से किए जाने वाले पेमेंट को उन इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के माध्यमों में शामिल किया गया है, जिन पर चार्ज नहीं लगाया जा सकता. सरकार ने ये स्पष्टीकरण ऐसे समय दिया है, जब पेमेंट से जुड़े कानून में हाल में हुए बदलावों के बाद लोगों के बीच ये चिंता बढ़ गई थी कि आने वाले समय में UPI से पेमेंट करने पर फीस लग सकती है.
The Finance Ministry issued a notification under the Payment and Settlement Systems Act, 2007, stating that UPI transactions up to ₹2,000 and RuPay debit card payments cannot be charged. Banks and payment providers cannot levy direct or indirect fees. Charges on UPI transactions… pic.twitter.com/Roy1cZhwty
— IANS (@ians_india) September 14, 2026
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आम लोगों को मिली राहत
इतना ही नहीं बल्कि सरकार ने ये भी साफ कर दिय है कि आम ग्राहकों को UPI के इस्तेमाल करने पर कोई ट्रांजैक्शन फीस नहीं देना होगी. ऐसे में आम जनता जो हर रोज यूपीआई के माध्यम से पेमेंट करती है, उन्होंने राहत की सांस ली है.
छोटी पेमेंट करने वालों को राहत
वित्त मंत्रालय की इस नई अधिसूचना से छोटे डिजिटल पेमेंट करने वाले ग्राहकों के लिए स्थिति और साफ हो गई है. यानी अगर कोई ग्राहक UPI से 2000 रुपये तक का पेमेंट करता है, तो बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर उससे सीधे या किसी दूसरे तरीके से ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं वसूल सकता. भारत में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है. वित्त मंत्रालय के मुताबिक, जुलाई 2026 में UPI के जरिए 2366 करोड़ लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब 29.9 लाख करोड़ रुपये थी.
UPI पर नहीं लगेगा कोई चार्ज
वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहले ही ये साफ कर दिया था कि कानून में किए गए बदलावों का मकसद आम UPI पेमेंट पर चार्ज लगाना नहीं है. नया कानून एक ऐसा ढांचा तैयार करता है, जिसके तहत भविष्य में कुछ चुनिंदा बड़े मर्चेंट लेनदेन पर MDR लगाया जा सकता है. हालांकि, ये चार्ज सभी UPI पेमेंट पर लागू नहीं होगा. एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति (P2P) को किए जाने वाले UPI पेमेंट फ्री रहेंगे.
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