भारत मंडपम के पास विरोध-प्रदर्शन कर रहे तिब्बती यूथ कांग्रेस के 50 से अधिक सदस्यों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। यह जानकारी पुलिस ने दी। गौरतलब है कि इन दिनों प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़ी गतिविधियां चल रही हैं। देश में तमाम विदेशी मेहमान आए हुए हैं। पुलिस का पहरा भी सख्त है।

Delhi Police says, “Over 50 members of the Tibetan Youth Congress were detained by the Delhi Police while protesting near Bharat Mandapam.”
— ANI (@ANI) September 12, 2026
हालांकि कल रात 8 बजे समाचार एजेंसी पीटीआई ने जो जानकारी दी उसके मुताबिक पांच तिब्बती नागरिकों को हिरासत में लिया गया। पीटीआई ने कहा कि पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह दिल्ली पुलिस ने प्रगति मैदान के पास कम से कम पांच तिब्बती नागरिकों को हिरासत में लिया। आरोप है कि ये लोग BRICS समिट के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दिल्ली दौरे के विरोध में इकट्ठा हुए थे।
सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी वायरल हुए, जिनमें प्रगति मैदान टनल से हिरासत में लिए गए कुछ लोग कथित तौर पर खंभों पर चढ़ते और चीनी प्रतिनिधिमंडल के लिए लगाए गए पोस्टर फाड़ने की कोशिश करते दिखे। सूत्रों ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों को प्रगति मैदान के पास एक टनल से पकड़ा गया, जहां वे कथित तौर पर समिट के लिए दिल्ली आए चीनी प्रतिनिधिमंडल के विरोध में जमा हुए थे।
उत्तरी दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में भी एक तिब्बती समूह के सदस्य इकट्ठा हुए और शी के भारत दौरे के विरोध में मार्च निकाला। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारी ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी को भी कानून-व्यवस्था तोड़ने की इजाज़त नहीं दी जाएगी।
चीन ने 10 सितंबर को घोषणा की थी कि शी 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS समिट में शामिल होंगे। ये विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहे हैं जब समिट और चीनी राष्ट्रपति के दौरे से पहले राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
