महाराष्ट्र में आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पिछले दो दिनों में विभाग ने राज्य के अहिल्यानगर, पुणे, नासिक और बुलढाणा जिलों में छापेमारी और जांच की। इस दौरान 95 टन से ज्यादा खाद्य पदार्थ और 172 लीटर दूध जब्त किया गया, जिसकी कुल कीमत करीब 4.45 करोड़ रुपये है। एफडीए ने सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया था। महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी के साथ त्योहारी सीजन शुरू हो रहा है। इस दौरान मिठाई, पनीर, खोया और दूध से बने अन्य उत्पादों की मांग बढ़ जाती है।
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अहिल्यानगर में करीब चार करोड़ का मक्खन जब्त
अहिल्यानगर में एफडीए अधिकारियों ने एक कोल्ड स्टोरेज पर छापा मारा। यहां से 75,368.8 किलो पाश्चुरीकृत कुकिंग बटर जब्त किया गया। इसकी कीमत करीब 3.95 करोड़ रुपये बताई गई है। यह उत्पाद ‘मदुरामा क्रीमी डिलाइट’ नाम से लेबल किया गया था। एफडीए को उत्पाद की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं होने का संदेह हुआ। साथ ही इसके लेबल पर भी कुछ कमियां मिलीं। अधिकारियों ने इसके नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे और पूरा स्टॉक सील कर दिया।
पुणे में पनीर और खोया जब्त
पुणे में सूचना मिलने के बाद एफडीए ने दो वाहनों को रोका। इनमें बड़ी मात्रा में पनीर, खोया और दही ले जाया जा रहा था। अधिकारियों को जांच के दौरान कई गड़बड़ियां मिलीं। इनमें तापमान नियंत्रित व्यवस्था के बिना दूध से बने उत्पादों का परिवहन, कर्नाटक से लाए गए पनीर के खरीद-बिक्री के बिल नहीं होना और बिना सील वाली पॉलीथिन में खाद्य पदार्थ रखना शामिल था। लेबल भी अधूरे पाए गए। पहले वाहन से 7,362.5 किलो खाद्य पदार्थ, जिसकी कीमत करीब 17.15 लाख रुपये थी, जब्त किया गया। दूसरे वाहन से 6,081 किलो पनीर, जिसकी कीमत करीब 14.55 लाख रुपये थी, जब्त किया गया। इसके अलावा पुणे के बुधवार पेठ स्थित एक प्रतिष्ठान में बिना स्रोत की जानकारी के खोया रखा मिला। यहां से 4,627 किलो खोया, जिसकी कीमत करीब 11.56 लाख रुपये थी, जब्त किया गया। बाद में खाद्य कारोबारी ने एफडीए की अनुमति से पूरा स्टॉक नष्ट कर दिया। पुणे की तीनों कार्रवाइयों में कुल 18,070.5 किलो खाद्य पदार्थ जब्त किए गए और 69 नमूने जांच के लिए भेजे गए।
नासिक और बुलढाणा में भी कार्रवाई
नासिक में गुजरात से लाई जा रही विशेष मिठाई बर्फी की जांच की गई। अधिकारियों ने 1,955 किलो बर्फी, जिसकी कीमत करीब 5.58 लाख रुपये थी, जब्त की और 10 नमूने जांच के लिए भेजे। बुलढाणा के नंदुरा तालुका के येरली गांव में एक दूध संग्रह केंद्र की जांच के दौरान भी कई नियमों का उल्लंघन मिला। केंद्र का पंजीकरण नहीं था और दूध संग्रह के दौरान उचित व्यवस्था भी नहीं थी। तापमान बनाए रखने की व्यवस्था और दूध आपूर्तिकर्ताओं से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं थे।
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एफडीए ने यहां से 139 लीटर गाय का दूध और 33 लीटर भैंस का दूध जब्त किया। इसकी कुल कीमत 7,863 रुपये थी। खराब होने वाला उत्पाद होने के कारण इसे नष्ट कर दिया गया। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे ने कहा कि विभाग महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मिलावटी और गलत लेबल वाले खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


