भारत का UPI अब अमेरिका में भी अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी में है. इसके लिए बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America) अमेरिका के पेमेंट सिस्टम Zelle को भारत के UPI से जोड़ने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है. इसका प्रोजेक्ट का खास मकसद अमेरिका से भारत पैसे भेजने के ट्रांजैक्शन को पहले के मुकाबले आसान और तेज बनाना है. खासतौर पर अमेरिका में रहने वाले भारतीयों और वहां काम करने वाले प्रोफेशनल्स को इसका फायदा मिल सकता है.
रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट फिलहाल पायलट स्टेज पर है और इसकी शुरुआती उपलब्धता 2026 के खत्म होने से पहले होने की उम्मीद है. ऐसे में अगर यह सिस्टम सफल होता है, तो लोगों को अमेरिका से भारत पैसे भेजने के लिए आसानी होगी.
अमेरिका से भारत आता है अरबों डॉलर का पैसा
अभी अमेरिका भारत को भेजे जाने वाले रेमिटेंस यानी विदेश से भेजे गए पैसों का सबसे बड़ा स्रोत बन चुका है. दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, वित्त साल 2024-25 में भारत को करीब 135.46 अरब डॉलर की रेमिटेंस मिली, जिसमें करीब 37 अरब डॉलर अमेरिका से आए. ऐसे में UPI और Zelle के बीच कनेक्शन बनने की यह पहल दोनों देशों के बीच होने वाले पैसों के लेनदेन के लिए काफी अहम हो सकती है.
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Zelle-UPI ब्रिज कैसे करेगा काम?
Zelle-UPI ब्रिज को Zelle नेटवर्क ऑपरेटर Early Warning Services के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा है. Zelle अमेरिका में इस्तेमाल होने वाला डिजिटल पेमेंट नेटवर्क है, जबकि UPI भारत का प्रमुख रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट सिस्टम है.
इस ब्रिज का खास मकसद दोनों पेमेंट नेटवर्क को जोड़ना है, ताकि सीमा पार पेमेंट को आसान बनाया जा सके. हालांकि, इससे यह साफ जाहीर नहीं होता कि अब अमेरिका में भी हर जगह भारतीय UPI ऐप उसी तरह काम करने लगेगा जैसे इंडिया में करता है.
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