- यह अभियान खतरनाक व अवैध इमारतों के खिलाफ चलाया गया।
अगर किसी व्यापारी की दुकान को सील कर दिया जाए तो उसके लिए ये एक सबसे बड़ी परेशानी की स्थिति है. कुछ ऐसा ही दिल्ली के चांदनी चौक में देखने को मिला है, यहां चांदनी चौक स्थित कूचा महाजनी के कारोबारियों के लिए 10 सितंबर का दिन मुसीबत भरा रहा, क्योंकि MCD ने इलाके की कई दुकानों को सील कर दिया.
56 दुकानों को MCD ने किया सील
दरअसल, MCD ने गहनों और बुलियन का बिजनेस करने वाली 56 दुकानों को सील कर दिया. हैरानी की बात तो यह है कि दुकानों के अंदर करोड़ों रुपये के सोने-चांदी से लेकर दूसरी कीमती चीजें रखी हुई है, लेकिन MCD की कार्रवाई के बाद अब ये दुकानें बंद है. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि दुकानों को सील करने के बाद जो सामान उसके अंदर है अब उसका आखिर क्या होगा?
क्या होगा अंदर रखें सोने-चांदी का?
जानने वाली बात यह है कि अगर किसी दुकान को सील किया जाता है तो उसके अंदर रखें सामान को बाहर नहीं निकाला जा सकता. सीलिंग का मकसद ही दुकान के इस्तेमाल पर रोक लगाना है. इसी वजह से दुकानों के बाहर सरकारी सील लगाई गई है. ऐसे में जो सामान पहले से ही दुकान के अंदर है जैसे सोना-चांदी या दूसरे कीमती चीज तो वे दुकान के अंदर ही रहेगी, उसे बाहर नहीं निकाला जा सकता है. कारोबारियों के निजी सामान को जब्त करने का कानूनी अधिकार प्रशासन के पास नहीं है तो सामान दुकान के अंदर ही सुरक्षित रहेगा.
खुद से सामान बाहर निकालना पड़ेगा भारी
कोई कारोबारी अपनी सील की गई दुकान से सामान नहीं निकाल सकता है. अगर कोई दुकानदार बिना परमिशन के सील तोड़ता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है. इसलिए बेहतर होगा कि कोई भी दुकानदार अपनी मर्जी से सील तोड़ने की कोशिश न करें.
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दुकानों पर क्यों लगाई गई सील?
6 सितंबर रविवार के दिन दिल्ली के सत्य निकेतन में एक कई साल पुरानी इमारत गिर गई थी, जिसमें कई लोगों की जान तक चली गई. इसके बाद से ही दिल्ली में MCD ने खतरनाक और अवैध इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी शुरू कर दी है और इसी अभियान के तहत ही चांदनी चौक के कूचा महाजनी इलाके में भी ये कार्रवाई की गई.
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