दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि सत्य निकेतन इमारत हादसे के बचाव स्थल पर मोबाइल नेटवर्क जैमर लगाए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इलाके में मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से काम कर रहा है और सभी बचाव एजेंसियां बिना किसी बाधा के मोबाइल फोन के जरिए एक-दूसरे से संपर्क कर रही हैं।
‘दावा पूरी तरह से झूठा’
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए एक पोस्ट में दिल्ली पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह से झूठा करार दिया। पुलिस ने बताया कि दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और अग्निशमन विभाग के जवान मोबाइल कम्युनिकेशन के माध्यम से ही निर्बाध रूप से आपस में समन्वय कर रहे हैं।
इस बात की पुष्टि करते हुए पुलिस ने यह भी कहा कि घटनास्थल पर मौजूद मीडियाकर्मी और आम नागरिक बिना किसी नेटवर्क समस्या के लगातार लाइव ब्रॉडकास्ट कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि रविवार को सत्य निकेतन इलाके में लड़कों के पेइंग गेस्ट (पीजी) वाली एक पांच मंजिला इमारत ढह गई थी। इस दुखद हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी। इसी घटना के बाद सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैलने लगी थी कि प्रशासन द्वारा बचाव स्थल पर मोबाइल जैमर लगा दिए गए हैं, जिसका पुलिस ने अब आधिकारिक रूप से खंडन कर दिया है।