नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा और लगातार हो रही बारिश के असर से बिहार की कई नदियां उफान पर हैं। गंडक, गंगा, सोन, फल्गु, मोरहर और निरंजना नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच अब सोन नदी को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। बाणसागर बांध और इंद्रपुरी बराज से पानी छोड़े जाने के बाद नदी किनारे बसे लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
बाणसागर से सोन में छोड़ा जा रहा पानी, बढ़ी निगरानी
झारखंड और मध्य प्रदेश के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश का असर मगध सहित बिहार के कई जिलों में देखने को मिल रहा है। सोन नदी में जल प्रवाह बढ़ने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे वाले इलाकों में निगरानी तेज कर दी है। रीवा स्थित बाणसागर मुख्य बांध में जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए रविवार को जल प्रबंधन में बदलाव किया गया। बांध के खुले हुए छह रेडियल गेटों में से चार गेट बंद कर दिए गए, जबकि गेट संख्या 9 और 10 की ओपनिंग को एक मीटर से घटाकर 0.25 मीटर कर दिया गया।
दो गेटों से 105 क्यूमेक्स पानी का डिस्चार्ज
बाणसागर बांध के स्पिलवे से फिलहाल दो रेडियल गेटों के माध्यम से 105 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, स्पिलवे और पावर हाउस-3 से सोन नदी में छोड़े जा रहे पानी का कुल प्रवाह 279.59 क्यूमेक्स दर्ज किया गया है। जल संसाधन विभाग ने सोन नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के करीब न जाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
इंद्रपुरी बराज के 52 गेट खुले, करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा
बिहार के रोहतास जिले में स्थित इंद्रपुरी सोन बराज की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। रविवार दोपहर तीन बजे तक बराज के कुल 69 गेटों में से 52 गेट खुले हुए थे। बराज का अपस्ट्रीम जलस्तर 355 फीट दर्ज किया गया है। इंद्रपुरी बराज से डाउनस्ट्रीम की ओर 1,96,149 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि अपस्ट्रीम डिस्चार्ज 2,03,382 क्यूसेक दर्ज किया गया। हालांकि, जलस्तर का रुझान फिलहाल गिरावट की ओर बताया गया है।
बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट
नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बाद बिहार के सीमावर्ती और नदी किनारे वाले जिलों में प्रशासन पहले से सतर्क है। कई जगहों पर निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, जल संसाधन विभाग और मैदानी अमले को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
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नदी किनारे बसे गांवों में सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को तैयार रहने को कहा गया है। लोगों से अपील की गई है कि नदी में स्नान करने, मछली पकड़ने या किसी अन्य काम से नदी के पास जाने से बचें, क्योंकि जलस्तर बढ़ने के दौरान अचानक खतरा बढ़ सकता है। सोन नदी किनारे बसे गांवों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन लगातार अपडेट ले रहा है।


