Heart Attack Symptoms: झारखंड के हायर एंड टेक्निकल एजुकेशन मिनिस्टर और गिरिडीह से विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का हार्ट अटैक के बाद निधन हो गया. रिपोर्टों के मुताबिक, देर रात तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गिरिडीह के निजी अस्पताल मर्सी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. अचानक सामने आई इस खबर के बाद एक बार फिर हार्ट अटैक को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. आखिर हार्ट अटैक होता क्या है. क्या यह सच में अचानक आता है. शरीर पहले से इसके कौन-कौन से संकेत देता है और अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में किन बातों का ध्यान रखकर इससे बचाव किया जा सकता है. इन सभी सवालों को समझने के लिए हमने डॉ. रोहित कुमार, डीएम कार्डियोलॉजी, सलाहकार इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, से बात की. डॉक्टर ने हार्ट अटैक के कारण, शुरुआती संकेत और बचाव के लिए जरूरी लाइफस्टाइल बदलावों के बारे में जानकारी दी.
हार्ट अटैक क्या होता है?

डॉ. रोहित कुमार बताते हैं कि हार्ट अटैक तब होता है, जब दिल तक खून पहुंचाने वाली कोरोनरी नस में अचानक रुकावट आ जाती है. दिल की मांसपेशियों को लगातार खून और ऑक्सीजन की जरूरत होती है. जब किसी नस में रुकावट के कारण दिल की मांसपेशियों तक सही मात्रा में खून नहीं पहुंच पाता, तो मांसपेशियों पर असर पड़ने लगता है. अगर यह स्थिति ज्यादा समय तक बनी रहे, तो दिल की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और व्यक्ति को परेशानी महसूस हो सकती है.
क्या हार्ट अटैक सच में अचानक आता है?
डॉक्टर के मुताबिक, हार्ट अटैक हमें अचानक होता हुआ दिखाई दे सकता है, लेकिन इसकी शुरुआत कई साल पहले से हो सकती है. समय के साथ दिल की नसों में धीरे-धीरे चर्बी जैसी परत जमा हो सकती है, जिसे प्लाक कहा जाता है. कई साल तक यह प्रक्रिया चल सकती है और व्यक्ति को इसका पता भी नहीं चलता. लेकिन कभी-कभी इस जमा हुई परत में अचानक नुकसान हो जाता है. इसके बाद वहां खून का थक्का बन सकता है. यह थक्का नस के रास्ते को काफी हद तक या पूरी तरह बंद कर सकता है. जब दिल की मांसपेशियों तक खून पहुंचना कम या बंद हो जाता है, तो हार्ट अटैक की स्थिति बन सकती है. इसलिए हार्ट अटैक भले ही अचानक नजर आए, लेकिन इसके पीछे की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही हो सकती है.
हार्ट अटैक से बचने के लिए रोज की इन 6 बातों का रखें ध्यान
डॉ. रोहित कुमार के अनुसार, अपनी जीवनशैली में कुछ आसान बदलाव करके दिल को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है.
1. नींद को न करें नजरअंदाज
आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में लोग अक्सर नींद को कम महत्व देते हैं. देर रात तक जागना और सुबह जल्दी उठना रोज की आदत बन जाती है.
डॉक्टर के मुताबिक, रोज सही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें. 24 घंटे में करीब 7 से 8 घंटे की नींद लेना जरूरी है.
2. खाने में प्रोटीन और फाइबर बढ़ाएं
दिल को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान पर ध्यान देना भी जरूरी है. खाने में प्रोटीन और फाइबर से भरपूर चीजें शामिल करें.
हरी सब्जियां और फल अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं. फाइबर वाली चीजों को खाने की कोशिश करें. जो फल छिलके समेत खाए जा सकते हैं, उन्हें अच्छी तरह धोकर छिलके समेत खाना भी फाइबर लेने का एक तरीका हो सकता है. इसके साथ ही जंक फूड और बहुत ज्यादा घी वाली चीजों का सेवन कम करें.
3. तनाव को कम करने की कोशिश करें
तनाव आज की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, लेकिन लगातार तनाव में रहना अच्छी आदत नहीं है. डॉक्टर कहते हैं कि स्ट्रेस कम लेना आसान नहीं है, लेकिन इसे कम करने की कोशिश जरूर करनी चाहिए. अपने लिए थोड़ा समय निकालें, टहलें, परिवार के साथ समय बिताएं या अपनी पसंद का काम करें.
4. किसी भी तरह के नशे से दूरी रखें
स्मोकिंग और शराब जैसी आदतों से दूरी बनाना दिल की सेहत के लिए जरूरी है. डॉक्टर के मुताबिक, किसी भी तरह का नशा न करने की कोशिश करें. खासकर युवाओं को स्मोकिंग और तंबाकू जैसी आदतों से दूर रहना चाहिए.
5. जिम करते समय भी रखें सावधानी
आजकल युवा फिटनेस को लेकर काफी सजग हैं और जिम जाना अच्छी आदत भी हो सकती है. लेकिन जरूरत से ज्यादा भारी एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए. बहुत ज्यादा भारी वजन उठाने या अपनी क्षमता से ज्यादा कसरत करने से बचें. इसके अलावा जिम में इस्तेमाल होने वाले किसी भी सप्लीमेंट को खुद से शुरू न करें. अगर किसी सप्लीमेंट की जरूरत महसूस होती है, तो पहले डॉक्टर की सलाह लें.
6. रोज एक्सरसाइज को बनाएं आदत
डॉक्टर के मुताबिक, रोज कम से कम 45 से 60 मिनट हल्की से मध्यम एक्सरसाइज करने की कोशिश करनी चाहिए. इसके लिए जरूरी नहीं कि आप जिम ही जाएं. पैदल चलना, तेज कदमों से चलना या अपनी क्षमता के अनुसार दूसरी हल्की एक्सरसाइज भी की जा सकती है. नियमित एक्सरसाइज से दिल की फिटनेस बेहतर रखने में मदद मिलती है और दिल से जुड़ी परेशानियों का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है.
हार्ट अटैक आने से पहले शरीर कौन से संकेत देता है?
डॉ. रोहित कुमार बताते हैं कि कुछ लोगों में हार्ट अटैक से पहले शरीर कुछ चेतावनी वाले संकेत दे सकता है. इन्हें समय रहते पहचानना जरूरी है.
सीने में दर्द या बेचैनी
सीने में दर्द हार्ट से जुड़ी परेशानी का सबसे आम संकेत माना जाता है. अगर सीने में दर्द के साथ बेचैनी, सांस लेने में परेशानी या धड़कन महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. हर सीने का दर्द हार्ट की वजह से हो, यह जरूरी नहीं है. लेकिन अचानक या बार-बार होने वाले दर्द की जांच करवाना बेहतर है.
पेट के ऊपरी हिस्से से जबड़े तक दर्द
हार्ट से जुड़ा दर्द हमेशा सिर्फ सीने तक सीमित नहीं रहता. कई बार पेट के ऊपरी हिस्से से लेकर जबड़े तक दर्द या परेशानी महसूस हो सकती है. ऐसे लक्षणों को भी सामान्य समझकर टालना ठीक नहीं है.
दोनों हाथों में दर्द
कुछ लोगों में हार्ट से जुड़ी परेशानी के दौरान दोनों हाथों में दर्द या असहजता महसूस हो सकती है. अगर इसके साथ सीने में भारीपन या सांस लेने में परेशानी भी हो, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लेना जरूरी है.
थोड़ा चलने पर ही सीने में भारीपन
अगर पहले सामान्य तरीके से चलने-फिरने में कोई परेशानी नहीं होती थी, लेकिन अब थोड़ा चलने पर ही सीने में भारीपन महसूस होने लगे, तो इस संकेत पर ध्यान देना चाहिए. खासकर अगर यह परेशानी बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर है.
सामान्य काम में भी सांस फूलना
थोड़ा चलने या सामान्य काम करने पर ही असामान्य तरीके से सांस फूलना भी दिल से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है. अगर ऐसा पहले नहीं होता था और अब बार-बार हो रहा है, तो इसे सिर्फ थकान समझकर छोड़ने के बजाय डॉक्टर से बात करें.
अचानक बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना
बिना ज्यादा काम किए अचानक बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना भी एक संकेत हो सकता है. अगर इसके साथ सीने में परेशानी, सांस फूलना या चक्कर जैसी समस्या हो, तो इसे नजरअंदाज न करें.
पैरों में सूजन
पैरों में बार-बार या लगातार सूजन दिखाई दे रही है, तो इसकी वजह जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. डॉ. रोहित कुमार ने इसे भी दिल से जुड़े संभावित संकेतों में शामिल किया है.
धड़कन महसूस होना
अगर दिल की धड़कन अचानक बहुत तेज महसूस हो, बार-बार धड़कन का एहसास हो या इसके साथ कमजोरी, चक्कर या सांस लेने में परेशानी हो, तो इसकी जांच करवाना बेहतर है.
क्या सिर्फ सीने में दर्द को ही हार्ट अटैक का संकेत मानना सही है?
नहीं. हर व्यक्ति में हार्ट से जुड़ी परेशानी एक जैसी दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है. किसी व्यक्ति को सीने में दर्द हो सकता है, तो किसी को सीने में भारीपन, सांस फूलना, कमजोरी, हाथ या जबड़े में दर्द जैसी परेशानी हो सकती है. इसलिए शरीर में अचानक होने वाले बदलावों को समझना जरूरी है. खासकर अगर कोई परेशानी बार-बार हो रही है या सामान्य काम करने पर शुरू हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए.
शरीर के इन संकेतों को नजरअंदाज न करें
डॉ. रोहित कुमार के मुताबिक, अगर शरीर बार-बार कुछ संकेत दे रहा है, तो उन्हें अनदेखा करने के बजाय समय रहते जांच करवानी चाहिए.
सीने में दर्द या भारीपन, सांस फूलना, असामान्य कमजोरी, दोनों हाथों में दर्द, पेट के ऊपरी हिस्से से जबड़े तक दर्द, धड़कन महसूस होना या पैरों में सूजन जैसी परेशानियां बार-बार दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.
कई बार ये संकेत हार्ट अटैक से पहले दिखाई देने वाली एंजाइना जैसी परेशानी से जुड़े हो सकते हैं. समय रहते इनकी जांच हो जाए तो आगे की परेशानी से बचने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है.
युवाओं को भी क्यों रखना चाहिए दिल का ध्यान?
दिल की सेहत का ध्यान रखने के लिए किसी खास उम्र का इंतजार नहीं करना चाहिए. आज की जीवनशैली में युवा भी लंबे समय तक बैठे रहने, तनाव, अनियमित नींद, गलत खान-पान, नशे और जरूरत से ज्यादा वर्कआउट जैसी आदतों का हिस्सा बन रहे हैं.
इसलिए कम उम्र में भी अपनी दिनचर्या, खान-पान, नींद और एक्सरसाइज पर ध्यान देना जरूरी है.
डॉक्टर की सलाह
डॉ. रोहित कुमार की सलाह को अगर आसान भाषा में समझें, तो दिल की सेहत के लिए रोज की जिंदगी में इन बातों को शामिल करना चाहिए.
- 7 से 8 घंटे की नींद लें.
- समय पर सोने और उठने की कोशिश करें.
- खाने में प्रोटीन और फाइबर वाली चीजें शामिल करें.
- हरी सब्जियां और फल खाएं.
- जंक फूड और बहुत ज्यादा घी वाली चीजों को कम करें.
- तनाव को कम करने की कोशिश करें.
- स्मोकिंग और तंबाकू से दूरी रखें.
- शराब और दूसरे नशे से बचें.
- रोज 45 से 60 मिनट हल्की से मध्यम एक्सरसाइज करें.
- अपनी क्षमता से ज्यादा भारी जिमिंग न करें.
- बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट्स न लें.
- शरीर में बार-बार दिखाई देने वाले असामान्य संकेतों को नजरअंदाज न करें.
- जरूरत पड़ने पर समय पर डॉक्टर से जांच करवाएं.
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