आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े करीब 504 करोड़ रुपये के हरियाणा सरकारी धन घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने ताजा आरोपपत्र में नौकरशाहों और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत के चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

जांच एजेंसी के अनुसार, हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के धन को नियमों की अनदेखी कर निजी बैंक शाखाओं में जमा कराने के बदले वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को केवल नकदी और सोना ही नहीं, बल्कि अय्याशी और विलासिता के साधन भी मुहैया कराए गए थे।
सीबीआई की तीसरी चार्जशीट में हरियाणा कैडर के 6 आईएएस अधिकारियों समेत कुल 19 लोगों को नामजद किया गया है। आरोपपत्र के अनुसार, तत्कालीन बैंक मैनेजर ऋभाव ऋषि ने अधिकारियों को उपकृत करने के लिए मोहाली के जीरकपुर स्थित एक निजी विला और फार्महाउस पर निजी डांस पार्टियों का आयोजन किया। इसके लिए दिल्ली से विशेष तौर पर महिला डांसर्स और विदेशी कलाकारों को बुलाया गया था। जांच में दावा किया गया है कि एक पार्टी में डांसर्स पर लाखों रुपये की नई करेंसी नोट उड़ाए गए थे।
पांच सितारा होटलाें में कराई मौज-मस्ती
- सीबीआई के मुताबिक, आरोपी अधिकारियों के लिए चंडीगढ़ और आसपास के पांच सितारा होटलों में खान-पान और शराब की व्यवस्था और एस्कॉर्ट्स सुविधाएं देने का भी उल्लेख है
- आरोपपत्र में हवाला नेटवर्क के जरिये करोड़ों रुपये नकद और सोने के रूप में रिश्वत पहुंचाने की बात भी कही गई है। सीबीआई अब तक करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और अन्य दस्तावेज जब्त कर चुकी है
