
अमेरिका की पहुंच भले ही ईरान के नेताओं के बाथरूम तक हो लेकिन हकीकत ये है कि यूएस नेवी के बम ईरानी सेना के बजाए कभी स्कूल पर गिर रहे हैं और कभी शादी-समारोह में. ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या वाकई सुपर पावर अमेरिका के पास ईरान को हराने की ताकत है या नहीं. या महज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मीडिया को दिए अनाप-शनाप बयान या फिर सोशल मीडिया पर जारी एआई वीडियो से अमेरिका पूरी दुनिया में अपनी जीत का डंका बजाता रहेगा.
यूएस मिलिट्री की सेंटकॉम यानी सेंट्रल कमांड ने गुरुवार को एक बार फिर ईरान के दक्षिणी इलाकों पर एयर स्ट्राइक की. सेंटकॉम ने दावा किया कि हमला ईरानी की नौसेना और आईआरजीसी से जुड़े ठिकानों पर किया गया है. इनमें सिरिक आईलैंड पर भी हमला शामिल था लेकिन हमले के दौरान ईरान की तरफ से दावा किया गया कि अमेरिका ने रिहायशी इलाके में एक ऐसे घर पर एयर स्ट्राइक की, जहां विवाह-समारोह चल रहा था. ईरान ने दावा किया कि हमले में चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मसखरा बयान
जिस दिन ईरान के शादी समारोह में ये मौत का तांडव मचा, उसी दिन ट्रंप ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया कि हर कोई भौचक्का रह गया. ट्रंप ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि अमेरिका सेना, ईरान के नेताओं के बाथरूम तक पहुंच रखती है. यानी ईरान के नेताओं की हर हरकत पर नजर रखी जा रही है. अमेरिका के खुफिया कैमरे, ईरानी नेताओं के बाथरुम तक पहुंच गए हैं. ये कोई पहली बार नहीं है कि जब ट्रंप ने कोई मसखरा बयान दिया है. इससे कुछ रोज पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक एआई वीडियो जारी कर ईरान के खर्ग आईलैंड पर हमला करने की चेतावनी दी थी.

ये कोई पहली घटना नहीं है जब अमेरिका की मिसाइल अपने रास्ते से भटककर आम लोगों पर गिरी है. मिडिल-ईस्ट जंग शुरु होने के पहले दिन यानी 28 फरवरी को अमेरिका ने ईरान पर जब हमला किया था, उस दौरान भी ईरान के मिनाब में एक स्कूल पर टॉमहॉक मिसाइल गिरी थी. स्कूल पर हुए हमले में करीब 175 स्कूली छात्र-छात्राएं और शिक्षकों की मौत हुई थी. हमले के बाद अमेरिका ने घटना की जांच के आदेश देकर मामले को रफा दफा कर दिया था. अब एक बार फिर वही स्थिति खड़ी हो गई है.
क्या बोले अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस
अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने सिरिक आईलैंड के एक इलाके में शादी समारोह में हुए हमले पर जांच की बात कही है. हमले के बाद जो वीडियो सामने आए हैं, उसमें साफ दिखाई पड़ता है कि जिस भी मिसाइल या बम से हमला किया गया, वो एक गाइडेड म्युनिशन था. ऐसा इसलिए, क्योंकि वो सीधे घर की छत पर जाकर गिरता है और एक होल के जरिए मकान के अंदर तबाही मचाई. बम या मिसाइल से आस-पास के घर तो दूर, घर की पूरी बिल्डिंग को भी कोई नुकसान नहीं हुआ. यानी ये ऐसे बम था, जिससे कोल्ट्रेल डैमेज बेहद कम होना था लेकिन अफसोस की ये बम किसी सैन्य ठिकाने के बजाए एक घर पर जाकर गिर गया.
अब जानकारी सामने आई है कि जिस खुजेस्ताह शहर में ये अटैक हुआ, वहां ईरानी नौसेना का एक कम्युनिकेशन टॉवर था. अमेरिकी स्ट्राइक में ये कम्युनिकेशन टॉवर तबाह हो गया था लेकिन उसी दौरान एक दूसरा बम इस कम्युनिकेशन टॉवर से महज 150 मीटर की दूरी पर उस घर पर जा गिरा, जहां शादी समारोह चल रहा था.
अफगानिस्तान में 2 बार गलती
ये पहली बार नहीं है जब यूएस मिलिट्री ने गलत जगह बम गिराया है. अफगानिस्तान में एक बार नहीं, यूएस मिलिट्री ने दो बार शादी समारोह को श्मशान घाट में तब्दील कर दिया था. पहली बार तो अफगानिस्तान पहुंचने के कुछ दिन बाद यानी 2002 में अमेरिका ने अफगानिस्तान के ओरजगान प्रांत में एक शादी समारोह में जश्न के दौरान चलाई जा रही हवाई फायरिंग को तालिबान का अड्डा समझकर बम गिरा दिया. इस हमले में 30 अफगान नागरिकों की मौत हो गई थी.
अमेरिका ने साल 2008 में कंधार में एक गांव में शादी समारोह पर हवाई हमला कर दिया था क्योंकि करीब में तालिबानी लड़ाकों का एक ठिकाना था लेकिन गलती से बम शादी समारोह में जाकर गिर गया था. इस हमले में करीब 40 लोगों की जान चली गई थी, जिसमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल थे.
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