
अगर आप बेंगलुरु में चिकन खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो 3 और 4 सितंबर का अपडेट जानना आपके लिए जरूरी है. शहर में चिकन की दुकानों को लेकर दो दिन विरोध देखने को मिलेगा. 3 सितंबर को पोल्ट्री कारोबारी फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन करेंगे, जबकि 4 सितंबर को शहर की हजारों चिकन मीट दुकानें बंद रखने की तैयारी है. कारोबारी चिकन दुकानों से निकलने वाले कचरे को हटाने के लिए लगाए गए 5 रुपये प्रति किलो चार्ज का विरोध कर रहे हैं.
पोल्ट्री ट्रेडर्स के मुताबिक, 4 सितंबर के बंद में बेंगलुरु की करीब 6,000 से 7,000 चिकन की दुकानें शामिल हो सकती हैं. कारोबारियों का कहना है कि नए चार्ज से दुकानदारों का खर्च बढ़ेगा. इसका असर खास तौर पर छोटे दुकानदारों पर पड़ सकता है, जो पहले से थोड़े मुनाफे में अपना कारोबार चला रहे हैं.
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चिकन वेस्ट पर क्यों लगाया गया चार्ज
बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कॉरपोरेशन ने चिकन दुकानों से निकलने वाले कचरे को हटाने के लिए 5 रुपये प्रति किलो चार्ज फिक्स किया है. कारोबारी इसी एकस्ट्रा खर्च को लेकर नाराज हैं. उनका कहना है कि दुकान चलाने में पहले ही किराया, बिजली, काम करने वालों की सैलरी और दूसरे खर्च शामिल हैं. ऐसे में वेस्ट के लिए अलग से चार्ज देना उनके लिए एकस्ट्रा बोझ है.
पोल्ट्री कारोबारियों का दावा है कि बेंगलुरु में हर दिन करीब 7 लाख किलो चिकन बिकता है. इतनी बड़ी बिक्री के साथ रोजाना लगभग 2 से 3 लाख किलो चिकन वेस्ट निकलने का भी अनुमान है. इसी वेस्ट को हटाने पर लगाए गए चार्ज को लेकर दुकानदार विरोध कर रहे हैं.
फ्रीडम पार्क में होगा प्रदर्शन
कारोबारियों ने अपनी मांग को लेकर 3 सितंबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन करने की योजना बनाई है. इसके बाद 4 सितंबर को चिकन मीट दुकानों को बंद रखा जाएगा. छोटे दुकानदारों का कहना है कि नया चार्ज उनके कारोबार की खर्च ज्यादा कर सकता है. इसी वजह से पोल्ट्री ट्रेडर्स इस चार्ज को हटाने की मांग कर रहे हैं.
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