
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार (1 सितंबर) को कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) को आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने और उसे मिलने वाली वित्तीय मदद रोकने के लिए एकजुट होकर काम करना होगा. उन्होंने इस दौरान पाकिस्तान को झटका दिया. पीएम मोदी ने अफगानिस्तान का जिक्र किया.

पीएम ने अपने भाषण से पहले पाकिस्तान समेत दुनिया को बड़ा मैसेज दिया. दरअसल चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उनसे गर्मजोशी के साथ मुलाकात की. इन तीनों ने एक-दूसरे साथ मिलाए. पाक पीएम शहबाज शरीफ कुछ ही दूर पर खड़े होकर यह नजारा देख रहे थे.

पीएम मोदी ने पहली बात सहयोग को लेकर कही. उन्होंने कहा, ‘SCO सहयोग के तीन स्तंभों- सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर को मजबूत करें और विजन से ठोस नतीजों की ओर बढ़ें.’ उन्होंने दूसरी बात कही, ‘दोहरे मापदंडों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए, आतंकवादी फंडिंग, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित ठिकानों को निशाना बनाकर पूरे आतंकवाद इकोसिस्टम को खत्म करें.

उन्होंने कहा, ‘क्षेत्रीय संघर्षों को बढ़ने और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार और सप्लाई चेन को बाधित करने देने के बजाय, बातचीत और कूटनीति के जरिए संघर्षों का समाधान करें. SCO तंत्रों के बीच प्रभावी तालमेल और समय पर कार्रवाई के ज़रिए ड्रग तस्करी, संगठित अपराध और अन्य सुरक्षा खतरों के खिलाफ क्षेत्रीय कार्रवाई को मजबूत करें.’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘SCO चार्टर के अनुरूप सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हुए भरोसेमंद और समावेशी कनेक्टिविटी बनाएं. कस्टम प्रक्रियाओं को आसान बनाकर, डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन का विस्तार करके और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को अधिक कुशल बनाकर व्यापार और लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी को आधुनिक बनाएं.’

बता दें कि पीएम मोदी ने एससीओ समिट के दौरान शी जिनपिंग से मुलाकात की. इन दोनों की मुलाकात इसलिए भी अहम है कि जिनपिंग जल्द ही भारत आने वाले हैं. वे ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होंगे.

पीएम मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और दुनिया के अन्य नेताओं ने बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर भी किए.
Published at : 01 Sep 2026 01:51 PM (IST)


