कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तरफ चाय के दुकान पर दो तरह के कप (प्लास्टिक और कांच के गिलास) के इस्तेमाल पर दावा किया गया था कि प्लास्टिक का कप दलितों के लिए और कांच का कप दूसरों के लिए हैं। राहुल गांधी के इस दावे पर भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने फैक्ट चेक किया और एक चाय की टपरी (छोटी दुकान) पर पहुंच कर चाय पी और चाय वाले से दोनों गिलास को लेकर सवाल भी किए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया मंच एक्स और इंस्टाग्राम पर साझा किया है।
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राहुल के आरोपों पर प्रदीप भंडारी का फैक्ट चेक
इस वीडियो में प्रदीप भंडारी पहले राहुल गांधी के दावे को चलाते हैं फिर वे एक चाय की दुकान पर इस्तेमाल होने वाले कप के बारे में चाय वाले से अलग-अलग तरह के कप के बारे में सवाल पूछते हैं। इस दौरान दुकान पर बड़ी संख्या में डिस्पोजेबल कप रखे दिखते हैं। फिर प्रदीप भंडारी चाय के कप की कीमत और इस्तेमाल के बारे में भी सवाल करते हैं और दुकानदार से यह भी पूछते हैं कि क्या अलग-अलग लोगों के लिए अलग तरह के कप रखे जाते हैं, जिसे चाय विक्रेता इनकार करता है।
I go to Monu Gautam’s Chai Shop in Delhi.
Monu comes from SC community!
Monu Gautam expose Divider in Chief Rahul Gandhi’s Propaganda!
Watch: pic.twitter.com/HTo9cAiwjq
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) August 30, 2026
‘रीयूजेबल कप’ और पेपर-प्लास्टिक कप की बात
प्रदीप भंडारी इस दौरान चाय वाले से सवाल करते हैं कि कपों का अंतर जाति के आधार पर है या उनके इस्तेमाल और कीमत के आधार पर, जिस पर चाय वाले ने कहा ये सभी के लिए एक समान है। प्रदीप भंडारी की तरफ से साझा किए गए वीडियो पर अंग्रेजी में ‘एलओपी = लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा’ लिखा गया है और राहुल गांधी के दावे की उन्होंने जमकर आलोचना की।
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राहुल गांधी देश को बांटना बंद कीजिए- प्रदीप भंडारी
इस वीडियो के आखिरी में वे राहुल गांधी से कहते हैं कि आप देश को बांटना बंद कीजिए। आपने कभी चाय की टपरी पर चाय नहीं पी है, इसी लिए आपको यहां मिलने वाले कपों के अंतर के बारे में नहीं पता है और आप सभी को भ्रमित कर रहे हैं। इस दौरान वे चाय की दुकान से चाय लेते हैं और उसका आनंद लेते हुए यूपीआई के जरिए उसकी कीमत भी अदा करते हैं।


