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आज रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन राखी बांधने के शुभ समय और राहुकाल को लेकर भी लोगों की नजर रहेगी। चंद्र ग्रहण का राखी बांधने के समय पर क्या असर होगा, यह भी जानना अहम होगा। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओंटारियो झील का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ कर दिया है। कनाडा के साथ तनाव के बीच उनके इस फैसले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। दुबई में आज से महिला टी20 एशिया कप भी शुरू होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला 5 सितंबर को होगा। नेपाल में बाढ़ और तबाही की तस्वीरें भी विचलित कर रही हैं। महाराष्ट्र के पीड़ितों के लिए मदद के हाथ बढ़ाए गए हैं। वहीं, नरेला में रक्षाबंधन पर डीडीए 1287 फ्लैट्स की ऑनलाइन बुकिंग शुरू करने जा रहा है। सुभाष चंद्रा के 22 हजार करोड़ रुपये के दावे और 6.5 करोड़ रुपये में कर्ज निपटाने का मामला भी चर्चा में है। इसके अलावा लॉरेंस बिश्नोई गैंग की धमकी, फार्मा क्षेत्र में शोध और नवाचार, श्रीनगर के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव और भाजपा की नई टीम की रणनीति पर भी नजर रहेगी। ईरान युद्ध के बीच यूरोप में अमेरिकी पैट्रियट मिसाइलों के संकट और रूस के खतरे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी सीखने के फैसले और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे से जुड़े विवाद पर भी आज नजर रहेगी। एक क्लिक में पढ़ें देश-दुनिया की अहम खबरें-

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Chandra Grahan on Raksha Bandhan 2026
– फोटो : अमर उजाला AI
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन के दिन कब रहेगा राहुकाल? क्या चंद्र ग्रहण से बदल जाएगा राखी बांधने का समय
रक्षाबंधन का त्योहार इस साल 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। भाई-बहन के प्रेम और विश्वास से जुड़ा यह पर्व हर किसी के लिए खास होता है, लेकिन इस बार तिथि को लेकर एक खास ज्योतिषीय स्थिति बन रही है। रक्षाबंधन के दिन राहुकाल भी रहेगा, जिसे धार्मिक मान्यताओं में शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता। इसके अलावा इसी दिन साल का अंतिम आंशिक चंद्र ग्रहण भी पड़ने वाला है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि राहुकाल के दौरान राखी बांधनी चाहिए या नहीं और चंद्र ग्रहण का रक्षाबंधन के पर्व पर कोई प्रभाव पड़ेगा या नहीं। पढ़ें पूरी खबर

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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)
ट्रंप का बड़ा फैसला: ओंटारियो झील का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ किया, कनाडा से तनाव के बीच क्यों लिया फैसला?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इसमें ओंटारियो झील का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने की बात है। ट्रंप ने कहा कि यह बदलाव तुरंत लागू होगा। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि इस आदेश में अमेरिकी गृह मंत्रालय और उसके सचिव डग बर्गम को नाम बदलने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। पढ़ें पूरी खबर

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महिला टी20 एशिया कप 2026
– फोटो : @ACCMedia1
आज से महिला टी20 एशिया कप: भारत-पाकिस्तान महामुकाबला 5 सितंबर को दुबई में; कौन सी टीम खिताब की प्रबल दावेदार?
महिला टी20 एशिया कप 2026 का आगाज आज से यूएई के दुबई में होने जा रहा है। इस बार टूर्नामेंट में आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश के अलावा इंडोनेशिया, हांगकांग चीन, थाईलैंड और मेजबान यूएई भी खिताब के लिए मैदान में पूरी ताकत झोंकेंगे। टूर्नामेंट का फाइनल 13 सितंबर को खेला जाएगा। भारत को प्रतियोगिता का प्रबल दावेदार माना जा रहा है, जबकि मौजूदा चैंपियन श्रीलंका की टीम भी शानदार फॉर्म के साथ टूर्नामेंट में पहुंची है। पाकिस्तान और बांग्लादेश उलटफेर करने की क्षमता रखते हैं। पढ़ें पूरी खबर

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नेपाल से तिब्बत तक तबाही का मंजर
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
नेपाल बाढ़: विचलित कर रही विनाशलीला, महाराष्ट्र के पीड़ितों को शिंदे ने दी सांत्वना; IAF ने बढ़ाए मदद के हाथ
नेपाल में बाढ़ से आई तबाही का मंजर विचलित कर रहा है। भारत के लोग बड़ी संख्या में लापता हैं। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश के लापता लोगों की तलाश जारी है। भारतीय वायुसेना (IAF) का विमान राहत और बचाव कार्य में मदद कर रहा है। बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा नेपाल से लगती है, ऐसे में संवेदनशील इलाकों और नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी हो रही है। पढ़ें पूरी खबर
नेपाल त्रासदी: हाथों में अपनों की तस्वीर, आंखों में उम्मीद; प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई तबाही की दर्दनाक कहानी
नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को ऐसा उजाड़ दिया कि पीछे सिर्फ मलबा और अपनों की तलाश करते परिवार रह गए। दिए गए विवरण के अनुसार, बाढ़ में मरने वालों की संख्या 350 के पार पहुंच गई है और 900 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन समेत कई जिलों में घर, सड़क, पुल और दूसरी जरूरी सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इस तबाही के बीच प्रत्यक्षदर्शियों की बातें दर्द की पूरी तस्वीर सामने रखती हैं। पढ़ें पूरी खबर


