राजस्थान में अब मौसम का मिजाज बदल गया है। मानसून ट्रफ के उत्तर भारत की ओर खिसकने से प्रदेश में अगले चार दिन बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहेगा, जबकि कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश हुई है। गुरुवार को कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 34 मिमी बारिश झालावाड़ के मनोहरथाना और बारां के छीपाबड़ौद में दर्ज की गई।
उत्तर प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ने के संकेत
वहीं, उत्तर प्रदेश में बीते कई दिनों से हो रही अच्छी बारिश के फिलहाल कमजोर पड़ने के संकेत हैं। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में सक्रिय मानसून में शुक्रवार से अगले तीन चार दिनों के लिए कमजोरी आएगी। एक सितंबर तक के लिए प्रदेश में पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभाग में कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी नहीं है।
हालांकि, इस बीच प्रदेश के तराई व कुछ अन्य जिलों में हल्की बारिश जारी रह सकती है। शुक्रवार के लिए प्रदेश के 19 जिलों में गरज चमक के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है। इधर बृहस्पतिवार को बुंदेलखंड समेत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में कहीं मध्यम तो कहीं भारी बारिश हुई। मुरादाबाद में सर्वाधिक 161 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं महोबा में 155 मिमी, बदायूं में 154 मिमी, गोंडा में 133 मिमी और बांदा में 101.8 मिमी बारिश हुई।
ओडिशा: 2 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना
ओडिशा के तीन जिलों में करीब 76 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। हालांकि, राज्य की बड़ी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। मौसम विभाग ने गुरुवार को 2 सितंबर तक भारी बारिश का अनुमान जताया है। इससे आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है।
इस मानसून में भारी बारिश के कारण ओडिशा में पहले ही दो बार बाढ़ आ चुकी है। 13 अगस्त से राज्य में बाढ़ का दूसरा दौर चल रहा है। अब तक इससे 1,895 गांवों के 13,50,306 लोग प्रभावित हुए हैं। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) के कार्यालय के मुताबिक, केंद्रपाड़ा, भद्रक और जाजपुर जिलों के 187 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। इन इलाकों में 76 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं।
एसआरसी ने बताया कि जब 10 जिले बाढ़ से प्रभावित थे, तब 989 राहत शिविरों में 4.94 लाख लोगों को रखा गया था। हालांकि, कई जगहों पर अब स्थिति सुधरी है। राज्य की सभी बड़ी नदियों का जलस्तर कम हुआ है। नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं। विशेष राहत आयुक्त राजेश पी. पाटिल ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि राहत और बहाली का काम तेजी से चल रहा है। स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है। बाढ़ में फंसे गांवों तक पहुंचना और वहां पका हुआ खाना व सुरक्षित पीने का पानी पहुंचाना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पाटिल ने बताया कि उत्तर ओडिशा के बालासोर, भद्रक, मयूरभंज और क्योंझर जिले भी दोनों दौर की बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। तटीय जिलों केंद्रपाड़ा और जाजपुर में भी दोनों बार बाढ़ आई है।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि 29 अगस्त के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। भुवनेश्वर मौसम केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा कि मौजूदा मौसम प्रणाली से 27 अगस्त से 2 सितंबर तक पूरे ओडिशा में भारी बारिश की संभावना है।
उन्होंने बताया कि मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे 30 अगस्त से 1 सितंबर तक पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा के तटों के पास और समुद्र में न जाएं। शुक्रवार सुबह तक बालासोर, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, सुंदरगढ़, देवगढ़, अंगुल, ढेंकानाल, क्योंझर, नुआपाड़ा, कालाहांडी, रायगढ़ा, कोरापुट और गजपति जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।
एमपी के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश
मध्यप्रदेश में मानसून का असर बना हुआ है, लेकिन अब बारिश की रफ्तार धीरे-धीरे कमजोर पड़ने के संकेत हैं। शुक्रवार को जबलपुर-सागर संभाग के सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। टीकमगढ़, छतरपुर, कटनी, सीधी, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से 4 इंच तक बारिश हो सकती है। भोपाल में हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। गुरुवार को श्योपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में तेज बारिश हुई। बारिश के कारण कई नदी-नाले उफान पर आ गए और कुछ रास्तों पर आवागमन प्रभावित हुआ। जबकि टीकमगढ़ में नदी-नालों के उफान से हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा।
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में भी मौसम बदला रहेगा। इन क्षेत्रों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 27 से 31 अगस्त के दौरान गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

