नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार के मुद्दे को लेकर 25 अगस्त को विरोध प्रदर्शन के पांचवें दिन से संबंधित प्रसारित हो रहा वीडियो फर्जी और भ्रामक है। दिल्ली पुलिस के डीसीपी न्यूज ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर ऐसा कोई विरोध प्रदर्शन नहीं चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर इस तरह के किसी प्रदर्शन के आयोजन के लिए किसी व्यक्ति या संगठन को अनुमति नहीं दी गई थी। नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा पहले से लागू है। यह धारा पूर्व में लागू सीआरपीसी की धारा 144 के समान है।
पुलिस ने बताया कि निषेधाज्ञा के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के विरोध मार्च, जुलूस, प्रदर्शन और सभा पर सख्त प्रतिबंध है। ऐसे में जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार के मुद्दे पर प्रदर्शन होने का दावा करने वाला वीडियो भ्रामक है।
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अप्रमाणित सामग्री को बढ़ावा न दें और न ही उसे फॉरवर्ड या साझा करें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि फर्जी खबर बनाने या उसे प्रसारित करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।


