लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

अजब-गजब एमपी:ई-अटेंडेंस के चक्कर में ट्यूब पर बैठकर नदी पार कर रहे शिक्षक, जान हथेली पर रखकर पहुंच रहे स्कूल – Mp For E-attendance Teachers Risk Lives Navigating Flooded River On Tubes In Bhind

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

भिंड जिले के ग्रामीण इलाकों में शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत सामने आई है। ग्राम पंचायत बबेड़ी में बारिश के बाद बरसाती खार में पानी भरने से नदरौली और सुमेर सिंह का पुरा गांव का संपर्क मार्ग बंद हो जाता है। ऐसे में स्कूल पहुंचने वाले शिक्षक और ग्रामीण ट्यूब के सहारे पानी पार करने को मजबूर हैं।

लंबे समय से बरकरार है समस्या

बताया जा रहा है कि बारिश के मौसम में करीब चार महीने तक यहां ऐसी स्थिति बनी रहती है। पानी बढ़ने के बाद पैदल या बाइक से निकलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से यहां पुलिया या सुरक्षित रास्ते की मांग की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

ई-अटेंडेंस ने बढ़ाई शिक्षकों की परेशानी

इसी बीच सरकारी स्कूलों में लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था ने शिक्षकों की मुश्किल और बढ़ा दी है। शिक्षकों को निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचकर ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होती है। ऐसे में रास्ता बंद होने के बावजूद शिक्षक स्कूल पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। सामने आई तस्वीरों में नदरौली प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक राजेश भारती ट्यूब के सहारे बरसाती खार पार करते नजर आ रहे हैं। पानी के तेज बहाव के बीच ट्यूब पर बैठकर दूसरी तरफ जाना किसी खतरे से कम नहीं है। यही रास्ता ग्रामीणों के लिए भी इस्तेमाल होता है।

बारिश में विद्यार्थियों के सामने भी संकट

मामला सिर्फ शिक्षकों की परेशानी तक सीमित नहीं है। बारिश के दिनों में गांव का संपर्क टूटने से विद्यार्थियों के सामने भी स्कूल पहुंचने की चुनौती खड़ी हो जाती है। अगर बच्चों को स्कूल जाने के लिए इसी तरह पानी पार करना पड़े, तो उनकी सुरक्षा पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।

ये भी पढ़ें-  धार में चलती बस बनी आग का गोला: जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे यात्री, सामान जलकर खाक; देखें तस्वीरें

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें ऐसी स्थिति का सामना हर साल बारिश के मौसम में करना पड़ता है। उनका सवाल है कि जब स्कूल तक पहुंचने के लिए सुरक्षित सड़क या पुलिया ही नहीं है, तो केवल ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था से शिक्षा व्यवस्था कैसे सुचारु रह सकती है?

प्रशासन के सामने खड़ा हुआ बड़ा सवाल

बबेड़ी की ये तस्वीरें प्रशासन के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा करती हैं। क्या ई-अटेंडेंस लागू करने से पहले उन ग्रामीण इलाकों की जमीनी परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा गया है, जहां शिक्षक और बच्चे आज भी बुनियादी रास्ते के लिए संघर्ष कर रहे हैं? अब ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस बरसाती खार पर स्थायी पुलिया या सुरक्षित रास्ते का निर्माण कराए, ताकि बारिश के दिनों में शिक्षकों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर पानी पार न करना पड़े।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

संभल मंदिर- जामा मस्जिद विवाद:सुप्रीम कोर्ट की रोक के चलते सुनवाई टली, अब 29 सितंबर को अगली तारीख – Sambhal Temple-jama Masjid Dispute: Hearing Adjourned Due Supreme Court Stay; Next Date Set For September 29

ईरान युद्ध का असर:ट्रंप की लोकप्रियता में भारी गिरावट, समर्थन में सिर्फ 31 फीसदी अमेरिकी; इस सर्वे में झटका – Donald Trump Popularity Record Low Amid Iran War Reuters Ipsos Poll

द बोनस मार्केट अपडेट:बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद लौटी रौनक; सेंसेक्स 287 अंक उछला, निफ्टी 24,300 के पार बंद – Sensex Closing Bell Share Market Closing Sensex Nifty Share Market News And Updates

अयोध्या:दो सितंबर को ट्रस्ट की बैठक पर टिकीं निगाहें, भरेंगे रिक्त पद; राम मंदिर को मिलेंगे नए Ceo व प्रवक्ता – Ram Mandir To Get New Ceo And Spokesperson At Trust Meeting On September 2 In Ayodhya

टॉक्सिक:एडवांस बुकिंग में ‘टॉक्सिक’ का तूफान, पहले दिन यश की फिल्म को मिलेगी बंपर ओपनिंग; कमाएगी इतने करोड़ – Yash Film Toxic Advance Booking Collection Nears 50 Crore To Release On 26 August

कुणाल के आत्महत्या की वजह क्या?:मोबाइल नहीं, माता-पिता के रिश्ते से जुड़ी है कहानी; मौसी ने किया बड़ा दावा – Maharashtra Tragedy: Teen Wanted To Bring His Father Home, Aunt Rejects Kunal Suicide Theory

Leave a Comment