
School Trip Safety Tips: स्कूल पिकनिक या ट्रिप का नाम सुनते ही बच्चे काफी खुश हो जाते हैं. दोस्तों के साथ घूमना, नई जगह देखना और खूब मस्ती करना उन्हें बहुत पसंद आता है. वहीं, माता-पिता के मन में बच्चे की सेफ्टी को लेकर चिंता रहती है. बच्चा भीड़ में कहीं अलग न हो जाए, तबीयत खराब न हो या किसी अनजान व्यक्ति के साथ न चला जाए, ऐसी कई बातें परेशान कर सकती हैं. अगर आपका बच्चा भी जल्द स्कूल ट्रिप पर जाने वाला है, तो उसे डराने की जरूरत नहीं है. बस रवाना होने से पहले कुछ आसान सेफ्टी रूल्स समझा दें. इससे बच्चा अपनी ट्रिप का मजा भी ले पाएगा और खुद का ध्यान भी रख सकेगा.
1. इमरजेंसी नंबर जरूर याद कराएं
बच्चे को कम से कम माता-पिता में से किसी एक का मोबाइल नंबर याद होना चाहिए. साथ ही, उसके बैग या आईडी कार्ड में नाम, घर का पता और माता-पिता का फोन नंबर लिखकर रखें. बच्चे को समझाएं कि फोन खो जाए या बैटरी खत्म हो जाए, तो वह किसी टीचर, पुलिसकर्मी या भरोसेमंद बड़े व्यक्ति से मदद मांग सकता है.
2. दोस्तों और टीचर से अलग न जाएं
ट्रिप के दौरान बच्चे मस्ती में अपने ग्रुप से दूर हो सकते हैं. इसलिए उन्हें पहले से समझाएं कि बिना बताए कहीं अकेले नहीं जाना है. हमेशा दोस्तों या टीचर के साथ ही रहें. अगर कहीं जाना हो, तो पहले टीचर को जरूर बताएं. एक दोस्त के साथ रहने का नियम बच्चे के लिए काफी मददगार हो सकता है.
यह भी पढ़ें: हर वक्त मोबाइल में बिजी माता-पिता, जानिए बच्चों पर इसका कितना गहरा पड़ता है असर

3. अनजान लोगों से सावधान रहें
बच्चों को बताएं कि ट्रिप के दौरान किसी अनजान व्यक्ति के साथ कहीं नहीं जाना है. अगर कोई अजनबी खाने की चीज दे, कहीं साथ चलने को कहे या बहुत ज्यादा बात करने की कोशिश करे, तो बच्चे को तुरंत वहां से हट जाना चाहिए. ऐसी कोई भी बात हो तो बिना डरे अपने टीचर को बताएं.
4. पानी, खाना और सामान का रखें ध्यान
घर से बाहर बच्चे को अपनी छोटी-छोटी चीजों का ध्यान खुद रखना सीखना चाहिए. उसे समय-समय पर पानी पीने के लिए कहें और साफ-सफाई का ध्यान रखने को समझाएं. बाहर का खुला खाना खाने से बचना बेहतर है. बैग, आईडी कार्ड, मोबाइल और पैसे संभालकर रखने की आदत भी डालें. अगर बच्चा कोई दवा लेता है, तो इसकी जानकारी पहले ही टीचर को दे दें.
5. परेशानी हो तो तुरंत बताएं
बच्चे को समझाएं कि ट्रिप पर उसे कुछ भी अजीब या असहज लगे, तो वह चुप न रहे. तबीयत खराब हो, डर लगे, कोई परेशान करे या वह रास्ता भूल जाए, तो तुरंत टीचर या साथ मौजूद किसी जिम्मेदार व्यक्ति को बताना चाहिए. अपनी बात बताने में शर्म या डर महसूस करने की जरूरत नहीं है.
बच्चे को डराकर नहीं, प्यार से समझाएं
ट्रिप से पहले बच्चों को बहुत ज्यादा डराने या बार-बार खतरे की बातें बताने से वे परेशान हो सकते हैं. बेहतर है कि उन्हें प्यार से समझाएं कि ये नियम उनकी सुरक्षा के लिए हैं. जब बच्चा इन छोटी-छोटी बातों को समझ जाएगा, तो वह ज्यादा आत्मविश्वास के साथ अपनी स्कूल ट्रिप का मजा ले सकेगा.
यह भी पढ़ें: बच्चा क्यों रहने लगा है चुप? कहीं इसकी वजह आपकी ये 5 गलतियां तो नहीं
The post स्कूल ट्रिप पर भेज रहे हैं बच्चे को? जाने से पहले पैरेंट्स सिखाएं ये 5 जरूरी सेफ्टी रूल्स appeared first on Prabhat Khabar.