- आज भारतीय बाजार कमजोर खुले, पश्चिमी एशिया तनाव कारण.
- बढ़ते कच्चे तेल और कमजोर अमेरिकी बाजार ने दबाव डाला.
- ऑटो, एनर्जी, मेटल शेयरों में आज बिकवाली का दबाव.
Share Market Today on August 17, 2026: आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई है. दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों ने घरेलू निवेशकों के सेंटिमेंट्स को प्रभावित किया है. बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक आज 116 अंक लुढ़ककर 77892 के स्तर पर खुला. वहीं, निफ्टी ने 22 अंक नीचे 24343 के लेवल से कारोबार की शुरुआत की.
क्यों बाजार में आज आई गिरावट?
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज (Strait of Hormuz) के रास्ते शिपिंग बाधित होने से वैश्विक बाजार में अनिश्चितता का माहौल है. ऊपर से कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ती जा रही हैं. ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं. भारत जैसे किसी देश के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि कच्चे तेल के आयात पर इसकी निर्भरता काफी ज्यादा है.
कमजोर वैश्विक संकेतों का असर
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था. ब्रॉड मार्केट इंडेक्स 0.2% गिरकर 7785.76 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 0.3% गिरकर 26,729.16 पर आ गया. डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज भी 107.58 अंक या 0.2% गिरकर 53,732.41 पर बंद हुआ. अमेरिकी बाजारों में गिरावट के बाद आज एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला और सतर्क रुख देखा जा रहा है.
आज शुरुआती कारोबार के दौरान एक तरफ जापान का निक्केई 225 0.4% चढ़ा. वहीं, दूसरी तरफ टॉपिक्स में 0.11% की गिरावट दर्ज की गई है. दक्षिण कोरियाई बाजार आज छुट्टी के चलते बंद है. साथ ही अधिकतर कंपनियों ने अपनी पहली तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है. इससे अब बाजार बड़े ट्रिगर्स के लिए वैश्विक संकेतों पर निर्भर हो गया है.
आज दबाव में रहने वाले स्टॉक्स
आज ऑटो, एनर्जी, मेटल और फार्मा सेक्टर्स के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है. वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज, KPIL, ONGC और डॉ. रेड्डीज जैसी कंपनियों के शेयरों पर आज अलग-अलग काॅर्पोरेट्स गतिविधियों के चलते निवेशकों की खास नजर बनी रहेगी.
ये भी पढ़ें:
अब विदेशी पटरियों पर सरपट भागेगी वंदे भारत, कतार में खड़े अमेरिका-श्रीलंका जैसे कई खरीदार


