टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद लापता श्रमिकों की तलाश और बचाव अभियान लगातार जारी है। रेस्क्यू अभियान के दौरान आज एक और श्रमिक का शव टनल से बरामद किया गया। लापता दो अन्य श्रमिकों की तलाश अभी जारी है। रेस्क्यू टीमें टनल के अंदर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। अभियान के साथ ही टनल में जमा पानी को बाहर निकालने का काम भी तेजी से किया जा रहा है।

पानी की निकासी के लिए सक्शन पंप समेत अन्य जरूरी उपकरणों की मदद ली जा रही है। इसका उद्देश्य टनल के अंदर रेस्क्यू टीमों की आवाजाही को आसान बनाना और संभावित स्थानों तक पहुंचकर लापता श्रमिकों की तलाश करना है। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और संबंधित विभागों की टीमें आपसी समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार मौके पर संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रशासन ने लापता दोनों श्रमिकों की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सभी संभावित स्थानों पर सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है और रेस्क्यू टीमें श्रमिकों तक पहुंचने के लिए पूरी तत्परता से काम कर रही हैं।
सुरक्षा से समझौता नहीं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि हादसे के बाद बचाव और खोज अभियान लगातार जारी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, फंसे 22 कर्मचारियों में से अधिकांश को रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि दो लोगों की तलाश अभी जारी है। सात लोगों को मौत की पुष्टि प्रशासन की ओर से कर दी गई थी। आज एक और शव बरमाद हुआ है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और उत्तराखंड सरकार का जिला प्रशासन मौके की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। बचाव दल टनल में फंसे शेष लोगों तक पहुंचने के लिए अभियान चला रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच में हादसे के कारणों और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जरूरी सावधानियों का पता लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी निर्माण परियोजना में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों को कल ही आवश्यक निर्देश जारी किए थे। कहा कि सुरक्षा के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। फिलहाल प्रशासन और सभी संबंधित एजेंसियां राहत एवं बचाव अभियान पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

