पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बीते कई महीनों से सरकार और सेना के खिलाफ स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इस संबंध में बीते 9 अगस्त को एबीपी न्यूज ने सबसे पहले आपको बताया था कि PoK में 13 अगस्त को होने वाले प्रदर्शन के दिन पाकिस्तानी सेना से PoK खाली करने की मांग की जाएगी.
इसी कड़ी में गुरुवार 13 अगस्त को शाम 6 बजे 9 जून से जारी विद्रोह के प्रमुख चेहरे सरदार अमान खान ने पाकिस्तान की हुकूमत और पाकिस्तानी सेना के अफसरों को बेशर्म जनरल से संबोधित करके पाकिस्तानी सेना से PoK खाली करने की निर्धारित समय सीमा की मांग की है.
असल में 13 अगस्त का प्रदर्शन, 13 अगस्त 1948 के संयुक्त राष्ट्र के भारत-पाकिस्तान कमीशन के जारी किये गए ऐतिहासिक रेजुलेशन की वजह से किया था. इस रेजुलेशन में स्पष्ट लिखा था पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी नागरिकों को PoK खाली करना है और संयुक्त राष्ट्र के कमीशन के साथ भारतीय सेना पाकिस्तानी बॉर्डर पर तैनात होगी और PoK और जम्मू कश्मीर में जनमत संग्रह करवाया जाएगा, लेकिन आज 80 साल बाद भी पाकिस्तानी सेना ने PoK खाली नहीं किया है.
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सरदार अमान खान की हुंकार
सरदार अमान खान ने रावलाकोट के ईदगाह मैदान से हुंकार भरते हुए पाकिस्तानी हुकूमत को याद दिलाया की उन्हें PoK में जनमत संग्रह करवाना है, जिसका वादा मुहम्मद अली जिन्ना से लेकर मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने PoK की जानता से किया है.PoK में 67 दिन से जारी प्रदर्शन में PoK के 160 नागरिकों समेत अवामी एक्शन कमेटी जिसके बैनर तले प्रदर्शन हो रहा है. उसे पाकिस्तान ने आतंकी घोषित किया है .
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने क्या कहा?
पाकिस्तानी सेना का प्रवक्ता DG-ISPR मेजर जनरल अहमद शरीफ चौधरी लगातार प्रदर्शनकारियों को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आतंकी करार दे रहा हैं. ऐसे PoK में पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की पोल खोलते हुए एक बार फिर प्रदर्शन के प्रमुख आयोजक सरदार अमान खान ने कहा कि PoK के लोगो के हाथ में बंदूक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और पाकिस्तानी सेना ने दी थी. PoK में गन कल्चर इन्होंने ने ही शुरू किया था और डेढ़ लाख लोगो को अपनी आतंक नीति से मरवाया था.
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