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चमोली में सुरंग में हुए हादसे के बाद निरीक्षण करने के बाद आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि टनल के भीतर पानी का स्तर अधिक होने के कारण रेस्क्यू अभियान में काफी दिक्कतें आ रही हैं। रेस्क्यू टीम के जवानों के गले तक पानी पहुंच रहा है।
उन्होंने बताया कि टनल में फिलहाल पांच डिवाटरिंग पंप लगाए गए हैं। जिस गति से पानी बाहर निकाला जा रहा है, लगभग उसी गति से टनल के भीतर पानी का रिसाव हो रहा है। उन्होंने टीएचडीसी को डिवाटरिंग पंपों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

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चमोली टनल हादसा
– फोटो : एजेंसी
बता दें कि विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) की टेल रेस टनल (टीआरटी) में हुए हादसे में सात मजदूरों की मौत की पुष्टि हो गई है, जबकि तीन मजदूर अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वहीं, 12 घायल श्रमिकों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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चमोली टनल हादसा
– फोटो : एजेंसी
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अनुसार बृहस्पतिवार शाम टीआरटी फेज-दो के चैनज 1440 मीटर पर टनल के अंदर अचानक तेज आवाज के साथ बड़ी मात्रा में पानी और मलबा भर गया था। घटना के समय चैनज 1230 मीटर पर टनल की कंक्रीट लाइनिंग का काम चल रहा था।

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चमोली टनल हादसा
– फोटो : एजेंसी
वहां मुख्य कार्यदायी संस्था एचसीसी (हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी) द्वारा नियुक्त 22 श्रमिक कार्यरत थे। जिनमें से सात की मौत हो चुकी है, तीन मजदूर लापता हैं, 12 का इलाज चल रहा है और छह स्वस्थ हैं।

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चमोली टनल हादसा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लापता मजदूरों की तलाश में रेस्क्यू टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। टीएचडीसीआईएल के प्रबंध निदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।


