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श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल नेट्स में अपनी बल्लेबाजी को धार देने में जुटे हैं। गॉल की गर्म परिस्थितियों में जुरेल ने तेज गेंदबाजों और स्पिनरों के खिलाफ लंबे समय तक अभ्यास किया। वह फील्डिंग सेशन में भी काफी सक्रिय नजर आए और स्लिप कॉर्डन में कई शानदार कैच पकड़े। हालांकि, जुरेल के लिए यह टेस्ट सीरीज उनके करियर के लिहाज से बेहद अहम है। वेस्टइंडीज के खिलाफ अहमदाबाद टेस्ट में पिछले साल अक्तूबर में शानदार शतक लगाने के बाद उनकी अगली सात टेस्ट पारियों में उनके स्कोर 44, 6, 14, 13, 0, 2 और 19 रहे हैं। इस दौरान वह पांच बार स्पिन गेंदबाजों का शिकार बने हैं।

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ध्रुव जुरेल
– फोटो : ANI
स्पिन के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन की चुनौती
- गॉल की पिच स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है और ऐसे में जुरेल के सामने चुनौती और बड़ी होगी। श्रीलंका के अनुभवी स्पिनर प्रभात जयसूर्या भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।
- जुरेल के लिए एक और दबाव सरफराज खान की मौजूदगी है। सरफराज भी इसी बल्लेबाजी क्रम में दावेदारी पेश कर रहे हैं और स्पिन के खिलाफ उनके पास कई तरह के शॉट हैं। वह स्वीप, रिवर्स स्वीप और ट्रैक पर आगे बढ़कर खेलने के अलावा कट और लेट डैब जैसे शॉट भी खेलते हैं।
- इसके उलट जुरेल आमतौर पर स्पिनरों के खिलाफ गेंदबाज की गलती का इंतजार करते हैं और जोखिम कम लेने की कोशिश करते हैं। सपाट पिचों पर यह रणनीति कारगर हो सकती है, लेकिन गाले जैसी पिच पर जहां टर्न और असमान उछाल मिल सकता है, वहां यही तरीका उनके लिए परेशानी पैदा कर सकता है।

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ध्रुव जुरेल
– फोटो : ANI
राहुल से की बातचीत
- इसी वजह से जुरेल ने नेट्स में अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल के साथ भी काफी समय बिताया। राहुल भारतीय टीम में एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्हें श्रीलंका की परिस्थितियों में टेस्ट क्रिकेट खेलने का अनुभव है। उन्होंने इस दौरे की तैयारी के लिए मुंबई में विशेष रूप से तैयार की गई मिट्टी वाली पिचों पर भी अभ्यास किया था।
- भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने भी टीम में राहुल के अनुभव की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राहुल को नेट्स में साथी खिलाड़ियों से बातचीत कर उन्हें यहां की परिस्थितियों और संभावित चुनौतियों के बारे में बताने की भूमिका निभानी होगी।
- मोर्कल ने साथ ही साफ किया कि आखिरकार जुरेल को बीच मैदान में अपनी बल्लेबाजी का तरीका खुद तलाशना होगा। उन्होंने कहा कि टीम 10 दिन पहले इसलिए श्रीलंका पहुंची है ताकि खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुसार तैयारी करने का पर्याप्त मौका मिल सके।

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ध्रुव जुरेल
– फोटो : ANI
इंडिया ए के लिए गॉल में जड़ चुके हैं शतक
- जुरेल के लिए सकारात्मक बात यह है कि उन्होंने इसी मैदान पर श्रीलंका ए के खिलाफ इंडिया ए की ओर से शतक और अर्धशतक लगाया था। उस प्रदर्शन से उन्हें श्रीलंका की परिस्थितियों में बल्लेबाजी को लेकर आत्मविश्वास जरूर मिलेगा।
- हालांकि, जुरेल के करियर में ऐसा पहले भी हुआ है। 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच में वह शानदार फॉर्म में दिखे थे, लेकिन पर्थ टेस्ट में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।
- अब जुरेल के सामने खुद को साबित करने का एक और मौका है। ऋषभ पंत पहली पसंद के विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं, इसलिए जुरेल को टीम में मुख्य रूप से विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर अपनी जगह मजबूत करनी होगी।
- श्रीलंका के खिलाफ पहला टेस्ट जुरेल के लिए सिर्फ एक और मुकाबला नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में उनके तत्काल भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण परीक्षा है। उन्हें स्पिन के खिलाफ अपने खेल में बदलाव करते हुए बेहतर प्रदर्शन करना होगा, तभी वह टीम में अपनी जगह को लंबे समय तक सुरक्षित रख पाएंगे।


