लिंडसे ग्राहम बिल के भारत पर असर को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए व्हाइट हाउस के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसका समाधान निकाल लेंगे. न्यूज एजेंसी ANI के सवाल का जवाब देते हुए नवारो ने कहा, “राष्ट्रपति और आपके प्रधानमंत्री के बीच बहुत अच्छे कामकाजी संबंध हैं. वे आपस में इसका समाधान निकाल लेंगे और इसमें मेरा कोई दखल नहीं है.” उन्होंने यह बात ट्रंप समर्थित रूस प्रतिबंध बिल के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कही, जिसके तहत भारत पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है.
इस बिल का नाम दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखा गया है. यह बिल रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले टॉप 5 देशों पर टैरिफ लगा सकता है, जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं. नवारो ने कहा, “मुझे लगता है कि यूक्रेन-रूस युद्ध के दौरान करीब 6-8 महीने पहले मैंने ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ में एक लेख लिखा था. उसमें बिल्कुल सही तथ्य बताए गए थे कि रूस के यूक्रेन पर हमले से पहले भारत रूस के साथ तेल के व्यापार में शामिल नहीं था, लेकिन बाद में वह इसमें बड़े पैमाने पर शामिल हो गया और रूस की ओर से कई रिफाइंड उत्पाद बेचने लगा, जिससे युद्ध की मशीन को मदद मिली.”
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सुलझ गया है हो सकता है कि उस लेख की वजह से इसमें मेरी थोड़ी भूमिका रही हो, लेकिन मैं आपको बता सकता हूं कि इंटरनेट पर भारतीय लोगों की तरफ से मुझे तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा था. व्हाइट हाउस के ट्रेड एडवाइजर ने कहा कि अमेरिका में हम समस्याओं को इस तरह हल नहीं करते हैं.
रूस प्रतिबंध बिल
बता दें कि इस बिल को ‘रूस प्रतिबंध बिल’ (Russia Sanctions Bill) भी कहा जाता है. इसे पिछले हफ़्ते सीनेट में दोनों पार्टियों के समर्थन से 86 के मुकाबले 11 वोटों से पास किया गया था. हालांकि कानून बनने के लिए इसे US हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी वोटिंग से गुजरना होगा.
पुतिन पर भी लग सकता है बैन
CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस से कच्चा तेल और नैचुरल गैस खरीदने वाले देशों के अलावा यह बिल रूसी सरकार के बड़े अधिकारियों और रूस के डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस को सपोर्ट करने वाली विदेशी कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगा सकता है. रूस के बड़े अधिकारियों में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हैं.
रूस से खरीदारी करने वाले टॉप 5 देशों पर टैरिफ का फ़ाइनल लेवल US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर तय करेंगे. हालांकि इस बिल में उन देशों को छूट दी गई है जो रूस के कुल नैचुरल गैस एक्सपोर्ट का 15% से कम हिस्सा इम्पोर्ट करते हैं और रूसी नैचुरल गैस का इस्तेमाल काफी कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं.
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