झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ी मांगों को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच महत्वपूर्ण वार्ता हुई। बैठक के बाद जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधिमंडल ने बयान जारी कर कहा कि सरकार के मंत्रियों के सामने छात्रों ने अपनी सभी मांगों और उनसे जुड़े तथ्यों को विस्तार से रखा। छात्रों ने बताया कि उनकी मांगें किन परिस्थितियों, तथ्यों और आधारों पर आधारित हैं। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, मंत्रियों ने सभी बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि छात्रों की ओर से रखे गए तर्क और मांगें उचित हैं।
मंत्रियों ने मुख्यमंत्री तक मांगें पहुंचाने का दिया भरोसा
छात्र प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सरकार के मंत्रियों ने आश्वासन दिया है कि छात्रों की सभी मांगों और उनके आधार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पूरी संवेदनशीलता के साथ पहुंचाया जाएगा।
छात्रों के अनुसार, सरकार ने यह भी माना कि यह मामला केवल वर्तमान छात्रों का नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
छात्र बोले- सिर्फ आश्वासन नहीं, चाहिए ठोस निर्णय
वार्ता के बाद छात्रों ने कहा कि सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक पहल और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया है, लेकिन केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। छात्रों ने मांग की है कि 10 अगस्त तक जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ी सभी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाए और उन्हें लागू किया जाए।
छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि 10 अगस्त तक उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो पहले से घोषित झारखंड विधानसभा घेराव कार्यक्रम तय समय पर होगा। उन्होंने कहा कि यह घेराव पूरी ताकत, एकजुटता और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा।
राजेश प्रसाद बोले- मंत्रियों ने माना हमारी मांगें जायज
बैठक के बाद प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी राजेश प्रसाद ने कहा कि 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने चार मंत्रियों के साथ बातचीत की। उन्होंने बताया कि वार्ता का माहौल बेहद सकारात्मक था और ऐसा महसूस हुआ जैसे परिवार के बीच बातचीत हो रही हो। राजेश प्रसाद ने कहा कि छात्रों ने मंत्रियों के सामने अपनी सभी जायज मांगें रखीं और विस्तार से बताया कि उनकी मांगों का आधार क्या है। उन्होंने दावा किया कि मंत्रियों ने उनकी बातों को ध्यान से सुना और माना कि छात्रों की मांगें जायज हैं। उन्होंने कहा कि सीजीएल और जेपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग भी उचित है। मंत्रियों ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील हैं, लेकिन अब तक मांगों और उनके आधार की पूरी जानकारी सरकार तक नहीं पहुंच पाई थी। उन्होंने कहा कि अब मंत्रियों को छात्रों की सभी मांगों और तथ्यों की जानकारी मिल गई है और उन्होंने इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का भरोसा दिया है।
रविंद्र पासवान बोले- बातचीत का पहला चरण सकारात्मक रहा
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार के साथ हुई बातचीत का पहला चरण बेहद सकारात्मक रहा। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को अपनी सभी मांगों से अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा कि यह शुरुआत है और आगे भी बातचीत जारी रहेगी। छात्रों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द समाधान निकलेगा।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
छात्र प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने कहा कि सरकार के सामने सभी मुद्दे रख दिए गए हैं। आगे की बातचीत में समाधान निकालने की कोशिश होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लिया है और मुख्यमंत्री से चर्चा कर समाधान निकालने का भरोसा दिया है।
छात्र नेताओं ने साफ किया कि जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगों का पूर्ण समाधान नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, अगर 10 अगस्त तक मांगों पर फैसला नहीं होता है तो विधानसभा घेराव का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार आयोजित किया जाएगा।

