
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता इमरान हाशमी को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम करते हुए 2 दशक से ज्यादा का वक्त हो चुका है. अपने करियर में उन्होंने कई शानदार फिल्में दी हैं. बॉलीवुड के अलावा साउथ सिनेमा और ओटीटी पर भी वो अपना जलवा बिखेर चुके हैं. हालांकि करियर की शुरुआत से लेकर कई सालों तक उनकी इमेज ‘सीरियल किसर’ की रही. हालांकि बाद में वो इस इमेज को तोड़ने में कामयाब रहे और फिर विलेन बनकर भी दर्शकों का दिल जीत लिया
‘फुटपाथ’ से किया था डेब्यू
इमरान हाशमी का शुरू से ही फिल्मी घराने से संबंध रहा है. अभिनेता का जन्म 24 मार्च 1979 को मुंबई में हुआ था. आलिया भट्ट, पूजा भट्ट और मोहित सूरी जैसे सेलेब्स उनके कजिन हैं. इमरान साल 2001 में फिल्म ‘ये जिंदगी का सफर’ से डेब्यू करने वाले थे, लेकिन उन्हें इस फिल्म से बाहर कर दिया गया था. इसके बाद एक्टर ने साल 2003 में फिल्म ‘फुटपाथ’ से डेब्यू किया था. इस क्राइम एक्शन फिल्म का डायरेक्शन विक्रम भट्ट ने किया था.
‘मर्डर’ से बने ‘सीरियल किसर’

पहली फिल्म से इमरान को कोई खास पहचान नहीं मिली थी. हालांकि शुरुआती दौर में ही वो फिल्म ‘मर्डर’ से दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब हो गए थे. 2004 की ये फिल्म सफल रही थी. इसमें उन्होंने मल्लिका शेरावत के साथ काम किया था. दोनों के बीच जबरदस्त इंटीमेट सीन फिल्माए गए थे और उनकी केमिस्ट्री काफी चर्चा में रही थी. इस फिल्म के बाद इमरान को सीरियल किसर का टैग मिल गया था.
‘जन्नत’ ने बना दिया स्टार
मर्डर के बाद इमरान ने फैंस का ध्यान ‘आशिक बनाया आपने’, ‘गैंगस्टर’,’आवारापन’ और ‘जहर’ जैसी फिल्मों से खींचा. इसी बीच आई फिल्म ‘जन्नत’ ने उनकी लोकप्रियता में चार चांद लगा दिए थे. साल 2008 की ये फिल्म सुपरहिट निकली थी और इमरान ने बतौर स्टार इंडस्ट्री में खुद को स्थापित कर लिया था. इस मूवी को न सिर्फ भारत में बल्कि पाकिस्तान में भी काफी पसंद किया गया था.

‘सीरियल किसर’ इमेज से हो गए थे परेशान
शुरुआत में सफलता की चकाचौंध में इमरान हाशमी को ‘सीरियल किसर’ का टैग काफी अच्छा लगता था, हालांकि हालात और वक्त बदलने के बाद वो इस टैग से परेशान होने लगे थे. क्योंकि फैंस के मन में भी उनकी सिर्फ ये ही इमेज रह गई थी. वो उन्हें किसी दूसरे अंदाज में नहीं देखना चाहते थे.

साल 2025 में अपनी फिल्म ‘ग्राउंड जीरो’ के प्रमोशन के दौरान रणवीर इलहाबादिया के पॉडकास्ट में इमरान हाशमी ने सीरियल किसर टैग को लेकर कहा था, ‘मैं चाहता था कि लोग मुझे गंभीरता से लें. एक वक्त पर मैं इससे थोड़ा परेशान रहता था. इसका यूज मार्केटिंग के लिए और फिर फिल्मों में बेवजह की चीजों को एड करने के लिए भी हुआ.’ उन्होंने आगे ये भी बताया कि वो काफी कोशिश करते थे इस इमेज से दूर होने की, लेकिन फैंस उन्हें कोई दूसरी चीज करते हुए देखना ही नहीं चाहते थे.
विलेन बनकर तोड़ी ‘सीरियल किसर’ इमेज
आखिरकार वो वक्त भी आया जब इमरान हाशमी ने अपनी सीरियल किसर की इमेज तोड़ी और विलेन के रूप में फैंस का दिल जीत लिया. सलमान खान और कैटरीना कैफ की साल 2023 की फिल्म ‘टाइगर 3’ में उन्होंने आतिश रहमान नाम के विलेन की दमदार भूमिका निभाई थी. उन्होंने इसके जरिए ये साबित किया कि वो सिर्फ सीरियल किसर तक सीमित नहीं है, बल्कि वो एक मल्टीटैलेंटेड अभिनेता हैं.

साउथ में भी विलेन बनकर किया कमाल
इमरान हाशमी ने अपना विलेन अवतार हिंदी सिनमा में ही नहीं, बल्कि साउथ सिनेमा में भी दिखाया है. इमरान ने साउथ सिनेमा में अपना डेब्यू पवन कल्याण की फिल्म ‘दे कॉल हिम ओजी’ से किया था. ये एक्शन रोमांटिक फिल्म साल 2025 में रिलीज हुई थी. इसमें इमरान ने एक खतरनाक गैंगस्टर ओमी भाऊ की भूमिका निभाई.

ओटीटी पर भी बिखेरा जलवा
बॉलीवुड से लेकर साउथ तक में बड़े पर्दे पर छा चुके इमरान हाशमी ओटीटी पर भी काम कर चुके हैं. उन्होंने ओटीटी पर डेब्यू साल 2019 में नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘बार्ड ऑफ ब्लड’ से किया था. इसके बाद वो साल 2024 में ‘शोटाइम’ और ‘तस्करी’ (2026) को लेकर भी चर्चा में रहे. वहीं 2025 में इमरान की कोर्ट रूम ड्रामा फिल्म ‘हक’ भी ओटीटी पर ही रिलीज हुई थी.
अब ‘आवारापन 2’ से छाने को तैयार हैं एक्टर
इमरान अब अपनी फिल्म ‘आवारापन 2’ से छाने को तैयार हैं. आवारापन साल 2007 में आई थी और बाद में कल्ट फिल्म साबित हुई थी. अब इसका सीक्वल 14 अगस्त को रिलीज हो रहा है. इसे लेकर अच्छा खासा बज बना हुआ है. फिल्म में वो अपने पुराने शिवम पंडित के किरदार में ही दिखाई देंगे. फिल्म का हिस्सा दिशा पाटनी और शबाना आजमी जैसी एक्ट्रेसेस भी हैं.


