उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी और एनएसयूआई कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। आर्ट्स कॉलेज के मुख्य गेट से शुरू हुआ विवाद कुलपति कार्यालय तक पहुंच गया। दोनों संगठनों के बीच धक्का-मुक्की और गुत्थम-गुत्था की नौबत आ गई, जिसके बाद पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। बाद में दोनों छात्र संगठनों ने कुलपति को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।


उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में गुरुवार दोपहर छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर एबीवीपी और एनएसयूआई के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान आर्ट्स कॉलेज के मुख्य गेट को बंद किए जाने के मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कार्यकर्ता आपस में धक्का-मुक्की तथा गुत्थम-गुत्था पर उतर आए।
पढे़ं: दिल्ली में सीएम भजनलाल शर्मा की अमित शाह से मुलाकात, मानसून सत्र से पहले रणनीति पर मंथन
इसके बाद प्रदर्शनकारी कुलपति कार्यालय पहुंचे, जहां कथित तौर पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं द्वारा झंडा हटाने की बात को लेकर एक बार फिर दोनों संगठनों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। माहौल तनावपूर्ण होने पर सूचना मिलते ही प्रतापनगर थानाधिकारी अजय सिंह राव और हिरणमगरी थानाधिकारी रवीन्द्र चारण पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कर समझाइश दी और स्थिति पर काबू पा लिया। समय रहते पुलिस के हस्तक्षेप से बड़ा विवाद टल गया।
मामला शांत होने के बाद एबीवीपी और एनएसयूआई के प्रतिनिधिमंडलों ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर कैलाश डागा से मुलाकात कर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में छात्रसंघ चुनाव जल्द बहाल करने, विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने, समान अकादमिक कैलेंडर लागू करने, समय पर परीक्षा परिणाम जारी करने, महाविद्यालयों में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति तथा जर्जर भवनों और शौचालयों की मरम्मत कराने जैसी प्रमुख मांगें उठाई गईं।
