Home Loan News: घर बनाना हर किसी का सपना होता है. अपने परिवार के साथ सुकून से रहने के लिए चार दिवारी के लिए व्यक्ति जी-तोड़ मेहनत करता है. केवल कई बार इसके लिए बैंक से लोन भी लिया जाता है. लोन लेना वैसे तो बेहद आसान है, लेकिन इसे लेने से पहले कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए. जिससे कि आपको किसी भी तरह का नुकसान ना हो बल्कि बचत ही बचत हो.
बैंक से पूछें जरूर सवाल
अगर आप भी अपने घर का सपना देख रहे हैं और होम लोन लेने की तैयारी कर रहे हैं. तो सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला करना बड़ी गलती हो सकती है. इसलिए लोन लेने से पहले बैंक से एक सवाल जरूर पूछें ये सवाल है ‘क्या इस होम लोन पर प्रीपेमेंट (Prepayment) या पार्ट-पेमेंट की सुविधा है और उस पर कोई चार्ज तो नहीं लगेगा?’ यही एक सवाल है जो लंबे समय में आपके लाखों रुपये बचा सकता है.
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कैसे बचेंगे लाखों रुपये?
होम लोन अक्सर 20 से 30 साल के लिए लिया जाता है. इस दौरान बैंक को ब्याज के रूप में मूल रकम से भी ज्यादा पैसा चुकाना पड़ सकता है. लेकिन अगर आपकी आय बढ़ने पर आप समय-समय पर लोन का कुछ हिस्सा पहले ही जमा कर दें, तो ब्याज का बोझ काफी कम हो जाता है.
ऐसे समझें 25 लाख बचाने का गणित
इस बात को समझने के लिए उदाहरण का सहारा लेंगे. जैसे कि मान लीजिए आपने 50 लाख रुपये का होम लोन 20 साल के लिए 8.5% ब्याज दर पर लिया है. ऐसे में आपकी एक महीने की EMI करीब 43,400 रुपये होगी और ओवरऑल लोन में आपको लगभग 54 लाख रुपये ब्याज के रूप में चुकाने पड़ सकते हैं.
अब मान लीजिए कि लोन शुरू होने के पांचवें साल में आपने 10 लाख रुपये की पार्ट-पेमेंट कर दी. इसके बाद या तो आपकी EMI कम हो जाएगी या लोन की अवधि घट जाएगी. ऐसे में कुल ब्याज का भुगतान लगभग 25 लाख रुपये तक कम हो सकता है. यानी एक सही फैसला आपको बड़ी बचत दिला सकता है.
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कब मिलेगा ये फायदा?
हालांकि, ये फायदा आपको तभी मिलेगा जब बैंक प्रीपेमेंट की सुविधा देगा और उस पर अतिरिक्त शुल्क न लेता हो. इसलिए लोन लेने से पहले बैंक से ये जानकारी जरूर लें कि पार्ट-पेमेंट कब और कितनी बार की जा सकती है, मिनिमम पेमेंट क्या होगी और कोई शुल्क लगेगा या नहीं. इसके अलावा ये भी पता करें कि लोन फ्लोटिंग ब्याज दर पर है या फिक्स्ड रेट पर. कई बैंक फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन पर प्रीपेमेंट चार्ज नहीं लेते, जबकि कुछ मामलों में फिक्स्ड रेट लोन पर शुल्क लगाया जा सकता है.


